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क्लॉडियस एडवांटेज (क्लोडिना. 9%+मेट्री. 20%) 240 ग्राम

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मुख्य बिंदु:

घटक / संघटक
क्लोडीनाफोप-प्रोपार्गिल 9% + मेट्रिब्यूज़िन 20% WP
कार्य करने की विधी
डुअल एक्शन – खरपतवार पर दो तरफ से असर क्लॉडियस एडवांटेज खरपतवार पर दो तरह से काम करता है—पत्तियों से भी और जड़ों से भी। 1. पत्तियों से असर – क्लोडीनाफोप-प्रोपार्गिल दवा पत्तियों के जरिए खरपतवार के अंदर पहुंचती है और उसकी नई बढ़वार को रोक देती है। इससे मुख्य रूप से गुल्ली-डंडा (Phalaris minor) और जंगली जई जैसे घास वाले खरपतवार धीरे-धीरे सूखकर खत्म हो जाते हैं। 2. जड़ों से असर – मेट्रिब्यूज़िन नम मिट्टी से दवा जड़ों के जरिए खरपतवार में पहुंचती है और उसकी बढ़वार को रोक देती है। इससे पत्तियां पीली पड़कर सूखने लगती हैं और खरपतवार खत्म हो जाता है। यह चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों पर भी असर करता है और गुल्ली-डंडा पर भी एक अतिरिक्त तरीके से काम करता है। किसान के लिए एक लाइन में: क्लॉडियस एडवांटेज खरपतवार पर पत्तियों और जड़ों—दोनों तरफ से असर करता है, जिससे घास वाले और चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों पर प्रभावी नियंत्रण मिलता है।
लाभ
1. एक ही छिड़काव में गेहूं के घास और चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों पर नियंत्रण, जिससे दोबारा छिड़काव का खर्च और मेहनत बचाने में मदद मिले। 2. गुल्ली-डंडा पर दो तरह से असर, जिससे एक ही छिड़काव से बच निकले खरपतवारों पर भी बेहतर नियंत्रण मिलता है। 3. पत्तियों और जड़ों—दोनों के जरिए काम करता है, जिससे खरपतवार पर दो तरफ से असर होता है। 4. एक एकड़ के लिए 240 ग्राम का नापकर तैयार पैक, जिससे सही मात्रा में दवा का उपयोग करना आसान होता है। 5. पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी और CCS हरियाणा एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी द्वारा अनुशंसित कॉम्बिनेशन।
मात्रा
240 ग्राम प्रति एकड़, 120 लीटर पानी में (30 ग्राम पाउच प्रति 15-लीटर टंकी, 8 टंकी प्रति एकड़)
उपयोग करने की विधि
पत्तियों पर छिड़काव
प्रभावी
फसल- गेहूं: घासीय खरपतवार-- फेलेरिस माइनर (गुल्ली डंडा / मंडूसी), एवेना फटुआ (जंगली जई)। चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार-- चिनोपोडियम एल्बम (बथुआ), मेडिकागो प्रजाति (मैना), फ्यूमेरिया पार्विफ्लोरा (गाजरी), रूमेक्स डेंटेटस (जंगली पालक), रूमेक्स स्पाइनोसस (कंडाली पालक), एनागैलिस अर्वेन्सिस (कृष्ण नील), विसिया सैटाइवा (छत्री मत्री), साइलीन कोनोइडिया (टकला), वेरोनिका प्रजाति (जंगली धनिया), एस्फोडेलस टेन्युइफोलियस (पियाज़ी), पार्थेनियम हिस्टेरोफोरस (गाजर घास), कैनाबिस सैटाइवा (भांग)
सुसंगत
अकेले उपयोग करें। किसी भी अन्य खरपतवारनाशी, फफूंदनाशी या कीटनाशी के साथ न मिलाएं।
उपयोग करने का समय
खरपतवार की 2-4 पत्ती अवस्था पर (फेलेरिस 2-3 इंच ऊंचाई तक), आमतौर पर बुवाई के 30-35 दिन बाद। बुवाई के 21-24 दिन बाद पहली सिंचाई करें और नम मिट्टी में छिड़काव करें।
लागू फसलें
गेहूं
उपयोग
1- बुवाई के 21-24 दिन बाद पहली सिंचाई करना अनिवार्य है 2- क्लॉडियस एडवांटेज की अनुशंसित मात्रा को प्रति एकड़ 120 लीटर पानी के साथ उपयोग करें। 3- एक 30 ग्राम पाउच का थोड़े पानी में घोल (स्लरी) बनाएं, इसे आधी भरी हुई 15-लीटर टंकी में डालें, ऊपर तक पानी भरें और अच्छी तरह हिलाएं। 4- केवल फ्लड जेट (TKVP-4) नोज़ल का उपयोग करें, जिसे जमीन से लगभग 1.5 फीट ऊपर रखें। 5- एक समान गति से चलें और लांस को न हिलाएं। 6- खेत में समान रूप से छिड़काव करें और एक ही स्थान पर दोबारा छिड़काव न करें। 7- 4 पत्ती अवस्था के बाद देर से छिड़काव करने पर खरपतवार नियंत्रण आंशिक रह सकता है। केवल अनुशंसित अवस्था पर ही छिड़काव करें।
एहतियात
1- पहली सिंचाई बुवाई के 21-24 दिन बाद के बीच होनी चाहिए 2- फेलेरिस माइनर की 2–4 पत्ती अवस्था में छिड़काव करें। 3- अनुशंसित मात्रा का ही उपयोग करें 4- छिड़काव के लिए फ्लड जेट नोज़ल का उपयोग करें 5- उचित कवरेज और छिड़काव सुनिश्चित करें 6- एक ही स्थान पर बार-बार छिड़काव न करें 7- निम्नलिखित गेहूं की किस्मों पर उपयोग न करें, 8- PBW-550, PBW 502, WH 1105, RAJ-3077, बरबट 9- अनुशंसित मात्रा से अधिक उपयोग न करें। 10- उपयोग से पहले हमेशा लेबल और पत्रक पढ़ें।
पंजीकरण संख्या
CIR Number- CIR-1640/2014 (352)–Clodinafop Propargyl+Metribuzin(WP)–01
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उपयोग कैसे करें
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