1- संतुलित पोषण से फसल की मजबूत बढ़वार होती है।
2- फूल/बोल (फल) गिरना कम होता है और फल लगना बेहतर होता है।
3- पौधे मजबूत बनते हैं और अच्छी हरियाली रहती है।
4- फटने और सड़न (BER) की समस्या कम होती है।
5- फसल की तनाव सहन करने की क्षमता और मजबूती बढ़ती है।
6- ज्यादा उत्पादन के साथ बेहतर गुणवत्ता मिलती है।
मात्रा
पत्तियों पर छिड़काव: 3 मिली प्रति लीटर पानी में मिलाकर, 15 दिन के अंतराल पर दो बार छिड़काव करें।
ड्रिप सिंचाई/ड्रेंचिंग: पौधों की महत्वपूर्ण वृद्धि अवस्थाओं के दौरान 1000 मिली प्रति एकड़।
उपयोग करने की विधि
स्प्रे, ड्रिप सिंचाई और ड्रेंचिंग
सुसंगत
उर्वरकों के साथ मिलाकर उपयोग के लिए उपयुक्त।
लागू फसलें
सभी फसलों के लिए उपयुक्त, विशेष रूप से फल व सब्जी फसलें और कैल्शियम व मैग्नीशियम की कमी वाली फसलें।