कृषि वार्ताAgroStar
सफेद लट (white grub) कीट एवं नियंत्रण
👉सफेद गिडार, जिसे व्हाइट ग्रब भी कहा जाता है, एक खतरनाक भूमिगत कीट है। यह फसल की जड़ों, मूल किस्मों और भूमिगत तनों को नुकसान पहुंचाता है, जिससे जड़ प्रणाली प्रभावित होती है। इसके कारण पौधों द्वारा पोषक तत्व और पानी का अवशोषण कम हो जाता है, जिससे उनकी वृद्धि रुक जाती है, पत्तियां मुरझाने लगती हैं और बाद में पौधे पूरी तरह नष्ट हो सकते हैं।
👉यह कीट ज्यादातर दोमट और बलुई मिट्टी में पाया जाता है। इसके नियंत्रण के लिए इमिडाक्लोप्रिड 40% + फिप्रोनिल 40% WG युक्त कॉन्स्टा कीटनाशक का उपयोग करना प्रभावी होता है। इसे 100-120 ग्राम प्रति एकड़ की मात्रा में पानी में घोलकर पौधों की जड़ों में ड्रेंचिंग करें। इसके अलावा, इसे रेत (बालू) में मिलाकर मिट्टी में प्रयोग करने से भी सफेद गिडार की समस्या पर नियंत्रण पाया जा सकता है।
👉समय पर नियंत्रण उपाय अपनाने से इस कीट के प्रकोप को कम किया जा सकता है और फसल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
👉स्त्रोत:- AgroStar
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