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फल मक्खी के नुकसान एवं नियंत्रण के उपाय!
फल मक्खी फलों में छेद करके अंडे देती है, जिससे फल अंदर से खराब होने लगते हैं। इस कीट की इल्लियां फलों को अंदर से खाकर नष्ट कर देती हैं, जिससे फल टेढ़े हो जाते हैं और अंत में सड़ने लगते हैं। कुछ इल्लियां केवल फलों को ही नहीं, बल्कि सब्जियों की बेलों को भी नुकसान पहुंचाती हैं, जिससे बेलों में गांठें बन जाती हैं और पौधों की बढ़वार रुक जाती है।
👉 फल मक्खी के नुकसान
- फलों में छेद दिखाई देने लगते हैं।
- प्रभावित फल टेढ़े और बदसूरत दिखते हैं।
- संक्रमण बढ़ने पर फल पूरी तरह सड़ जाते हैं।
- कुछ इल्लियां बेलों को नुकसान पहुंचाकर गांठ बना देती हैं।
👉 नियंत्रण के लिए उपाय
- प्रति एकड़ 5 से 6 फेरोमोन ट्रैप लगाएं ताकि कीट को आकर्षित किया जा सके।
- ट्रैप के ल्यूर को हर 25 दिन में बदलें ताकि यह प्रभावी बना रहे।
- कीट नियंत्रण के लिए प्रोफेनोफोस 40% + साइपरमेथ्रिन 4% ईसी घटक युक्त हेलिओक्स @ 2 मिली प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें।
समय पर नियंत्रण करने से फल मक्खी का प्रकोप कम किया जा सकता है और फसल सुरक्षित रह सकती है।
👉स्त्रोत:- AgroStar
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