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टमाटर: शुरुआती अवस्था में कीट और रोग से बचाव
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टमाटर: शुरुआती अवस्था में कीट और रोग से बचाव
👉किसान भाइयों, बदलते मौसम में फसलों पर कीट और रोगों का प्रभाव अधिक देखा जाता है। टमाटर के पौधे की अच्छी वृद्धि और उच्च उत्पादन के लिए शुरुआत से ही कीट एवं रोगों से सुरक्षा आवश्यक है। सही समय पर रोकथाम करने से पौधे स्वस्थ रहते हैं और बेहतर फलन होता है। 👉टमाटर फसल को रस चूसने वाले कीटों व अन्य कीटों से बचाने के लिए डायमेथोएट 30% ईसी घटकयुक्त एग्रोअर @ 300 मि.ली प्रति एकड़ का छिड़काव करें। साथ ही, फंगल रोगों की रोकथाम के लिए कैप्टन 70% + हेक्साकोनाज़ोल 5% WP घटकयुक्त कैपेसिटी @ 3 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें। 👉टमाटर पौधों की अच्छी वृद्धि और विकास के लिए समुद्री शैवाल युक्त प्योर केल्प @ 3 मिली प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। यह पौधों को पोषण प्रदान करता है और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है। 👉नियमित निगरानी, उचित पोषक तत्व और समय पर कीटनाशक व कवकनाशी का उपयोग करने से टमाटर की फसल स्वस्थ रहती है और उपज में वृद्धि होती है। 👉स्त्रोत:- AgroStar किसान भाइयों ये जानकारी आपको कैसी लगी? हमें कमेंट करके ज़रूर बताएं और लाइक एवं शेयर करें धन्यवाद।
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