कृषि वार्ताजागरण
UP के गन्ना किसानों को अब घर बैठे मिलेगी पर्ची, जानिए कैसे?
👉उत्तर प्रदेश में किसानों को घर बैठे कागज की जगह मोबाइल फोन पर एसएमएस के जरिये गन्ना पर्ची मिलने लगी है। एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ईआरपी) से पर्ची निर्गमन कार्य में पूरी पारदर्शिता आई है। यह तकनीक का ही कमाल है कि आधुनिक कृषि यंत्रों के प्रयोग व गन्ना किसानों को समय से भुगतान हो रहा है। सरकार नई तकनीक, पोर्टल व एप के माध्यमों से उन्हें सहारा दे रही है। साढ़े चार साल में सरकार ने कई ऐसे कदम उठाये हैं, जिनसे गन्ना उत्पादन में लगातार वृद्धि होती जा रही है। आनलाइन पोर्टल caneup.in और E-Ganna एप से सर्वे, सट्टा, कैलेंडर, पर्ची व भुगतान संबंधी सूचना प्रदेश के गन्ना किसानों को दी जा रही है। 👉योगी सरकार की पहल से उत्तर प्रदेश के करीब 45 लाख गन्ना किसानों को एसएमएस से गन्ना पर्ची उपलब्ध करायी गई। इससे पहले कागज की गन्ना पर्ची किसानों को दी जा रही थी। योगी सरकार के सत्ता में आने के बाद से 167 सहकारी गन्ना समितियों के वित्तीय लेन-देन, कृषि निवेशों का वितरण, किसानों को ऋण व अनुदान वितरण गन्ना मूल्य भुगतान आदि समस्त कार्यों को वेब बेस्ड केंद्रीयकृत व्यवस्था ने मजबूत बनाया है। 👉गन्ना विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय आर भूसरेड्डी ने बताया कि प्रदेश के 44.40 लाख कृषकों ने ई-गन्ना एप डाउनलोड किया है। 16.48 करोड़ बार किसानों ने वेबसाइट पर अपनी सूचना देखी है। इतना ही नहीं, गत वर्षों के मुकाबले सर्वाधिक गन्ना किसानों की ब्रांडिंग की गई, जो 45.74 लाख है। इनमें 9.43 लाख छोटे कृषक हैं, उनको 31.73 लाख पर्चियां भी जारी की गई हैं। स्रोत:- Jagran, 👉प्रिय किसान भाइयों दी गई जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे लाइक👍करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
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