क्षमाा करें, यह लेख आपके द्वारा चुनी हुई भाषा में नहीं है।
Agri Shop will be soon available in your state.
सलाहकार लेखकृषि जागरण
जानिए, ट्रैक्टर की मेंटेनेंस करने का सबसे आसान और सही तरीका!
ट्रैक्टर हर कृषि कार्यो में किसान के साथ कन्धे से कन्धा मिलाकर कृषि कार्य करता है, इसका इस्तेमाल तमाम छोटे बड़े कामों चाहे वह ढुलाई हो, जुताई हो, बुवाई हो, मड़ाई हो, पडलिंग या हैवी रोटावेटर खींचने का काम, यह सारे काम बड़ी कुशलता से संपन्न कर लेता है। इसीलिए ट्रैक्टर की देखभाल की अहमियत भी काफी बढ़ जाती है। ऐसे में आइये जानते हैं की ट्रैक्टर की सही देख भाल करने का उचित समय एवं तरीका क्या है ताकि ट्रैक्टर की क्षमताओं में कमी किये बगैर कृषि क्रियाओं को सुचारु रूप से जारी रखा जा सके। 1. बैटरी की देखभाल:- आसुत (डिस्टिल्ड वॉटर ) जल का आवश्यक स्तर बनाये रखना चाहिए। कभी भी एसिड न डालें। सुनिश्चित करें कि बैटरी का शीर्ष साफ, सूखा, गंदगी और जमी हुई गंदगी से मुक्त हो। बैटरी के नक्को एवं क्लैंप की जांच करें यदि आवश्यक हो तो क्लैंप को टाइड करें एवं केवल का निरिक्षण करें ,यह टाइड एवं जंग से मुक्त होना चाहिए इस पर ग्रीस लगाकर सुरक्षित करें। बैटरी को कभी भी ओंवरचार्ज न करें, ओंवरचार्ज होने के कारण बैटरी की छमता का हाश होता है। बैटरी को महीने में एक बार बेटियों की जांच और रखरखाव किया जाना चाहिए है। बैटरी में वोल्टेज के नियमिति चार्जिंग की जांच करनी चाहिए। 2. अल्टरनेटर की नियमित जाँच:- अल्टरनेटर करंट उत्पन्न कर बैटरी को निरंतर चार्ज करता रहता है जो बैटरी के इलेक्ट्रिकल बैकअप के लिए आवश्यक है, जिसकी छमता 12 वोल्ट 33 एम्पियर की होती है। फैन बेल्ट की नियमित जाँच करें ढीला होने की दशा में अल्टरनेटर को पीछे खिसकाकर टाइड कर देना चाहिए। फैन वेल्ट ढीला होने की दशा में बैटरी निरंतर चार्ज नहीं हो पति जिसे बैटरी बैकअप में कमी आ जाती है। 3. स्टार्टर मोटर की नियमित जाँच:- स्टार्टर मोटर इंजन क्रैंक शाफ़्ट को घुमाकर इंजन को स्टार्ट करती है। इसकी छमता 12 वोल्ट तथा 2.7 किलोवाट होती है। सभी बोल्ट अच्छे से कसे हुए होने चाहिए जिसकी नियमति जांच करते रहना चाहिए वोल्ट ढीले होने दसा में ट्रैक्टर को स्टार्ट करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्टार्टर के कार्बोन्स की नियमित जांच करें , कार्बोन घिसने की दशा में ट्रैक्टर को स्टार्ट करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। 4. विद्युत प्रणाली का सामान्य रखरखाव:- ट्रैक्टर के सभी इलेक्ट्रिक उपकरण ट्रैक्टर की विधुत प्रडाली से जुड़े होते हैं. जिसमे,हेडलाइट,इंडिकेटर,अल्टरनेटर,स्टार्टर मोटर ,हॉर्न, आदि सभी। नियमित केबल की जांच करते रहना चाहिए। फ्यूज जलने की दशा उच्च छमता वाले फ्यूज का उपयोग करना चाहिए। केवल वायर के खराब होने की दशा में उसे बदला जाना चाहिए। 5. इंजन का रखरखाव:- इंजन उपयोग करने की दशा में आवश्यक निर्देश - ट्रैक्टर के प्रभावी रूप से कार्य करने और लंबे जीवन के लिए, प्रारंभिक 50 घंटों के दौरान सभी निर्देशों का पालन करें। इंजन के ठंडा होने पर लोड न डालें । इंजन पर ओंवर लोड न डालें। सामान्य ऑपरेटिंग तापमान प्राप्त करने के लिए 10 मिनट के लिए इंजन को आधी गति पर चलाएं, तापमान बनाए रखने के बाद ही इंजन पर भार डालें इंजन को पूर्ण लोड पर लगातार संचालित करने के लिए इंजन का सही तापक्रम आवश्यक है ।
स्रोत:- कृषि जागरण किसान भाइयों यदि दी गई जानकारी उपयोगी लगी, तो लाइक करें एवं अन्य किसान मित्रों को शेयर करें।
7
1
संबंधित लेख