सलाहकार लेखएग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
कपास की फसल में मिलीबग समस्या
वर्तमान स्थिति में कपास की फसल पर मिली बग कीट का प्रकोप बढ़ रहा है। आमतौर पर यह रुई से ढंकी हुइ भूरे रंग की कीट होती है जो फसल के किसी भी भाग को प्रभावित करती है। आज की परिस्थिती में मिली बग कपास की मुख्य तने में पाइ जाती है। जुलाई और अगस्त में गर्मी से तापमान ज्यादा होने के कारण इसका प्रकोप बढ़ सकता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस कीट के शरीर पर रुई जैसा आवरण होता है, जिससे इस पर किसी भी किटकनाशक का असर नहीं होता और कीट के नियंत्रण में समय लग जाता है।
यहां पर हम मिली बग के नियंत्रण के लिए एकीकृत व्यवस्था देखेंगे।
1. सबसे पहले खेत खरपतवार से मुक्त होना बहुत महत्वपूर्ण है, अगर कपास के खेतों में खरपतवार को नियंत्रित नहीं किया जाता है, तो घास पर रह कर मिली बग की संख्या में वृद्धि होगी और प्रभावशाली नियंत्रण नहीं होगा।
2. जैविक नियंत्रण के लिए मित्र कीट लेडी-बर्ड बीटल भी प्रभावपूर्ण काम करती है। इस बीटल का कपास के खेत में होना आवश्यक है और इसकी संख्या कम न हो इसलिए किसी भी प्रकार के रासायन का छिड़काव करना नहीं चाहिए। इस मौसम में लेडी बर्ड बीटल अच्छा काम करती है लेकिन कपास फसल की अवधि ज्यादा न होने के कारण इस विधि का उपयोग प्रभावी नहीं हैं।
3. दुसरा जैविक नियंत्रण करने के लिए मित्र फफूंद वर्टीसेलीयम लेकॅनी @ 10 ग्राम/लीटर, इस द्रव्य के मिश्रण का छिड़काव करना चाहिए। यह फफूंद मिलीबग तथा अन्य चूषक कीट (माहू, हरा तेला, फूलकीटक, इ. ) को खाती है और इनको नष्ट करती है। वर्टीसेलीयम लेकॅनी के उपयोग के बाद आप कीटनाशक का उपयोग कर सकते हैं पर किसी भी कवकनाशी का उपयोग नहीं करना चाहिए।
4. रासायनिक नियंत्रण- इस नियंत्रण में हम अनेक किटकनाशकों का उपयोग कर सकते हैं जैसे प्रोफेनोफॉस, बुप्रोफेंझिन का छिडकाव, इमिडा या क्लोथीआनिडीन को जड़ों में दे सकते हैं। रासायनिक नियंत्रण के समय किसी भी कीटनाशक में अच्छी गुणवत्ता वाले सिलिकोन बेस स्टीकर का उपयोग करना चाहिए जिससे जल्दी परिणाम मिलेंगे। प्रोफेनोफॉस (प्रोफेक्स, क्युराक्रोन) 25 मि.ली. प्रति पंप, या ब्युप्रोफेन्झीन (अँपल, अप्लौड) 25 मि.ली. प्रति पंप, टाटा-झिनी 250 ग्राम का 2 एकड़ कपास में छिडकाव के लिए उपयोग करें, साथ ही नीम अर्क या मछली का अर्क छिड़कने से अच्छे परिणाम मिलेंगे। ड्रिप सिंचाई उपलब्ध हो तो ड्रिप के द्वारा इमिडाक्लोप्रीड (प्रोन्टो, अडमायर) @ 100 ग्राम एक एकड़ में या क्लोथीआनिडीन (डेंटात्स्यु) @ 40 ग्राम का उपयोग करने से बेहतर नियंत्रण होगा।
ऊपर दिए गए उपायों से मिली बग का नियंत्रण हो सकता है। साथ ही कपास और अन्य फसलों के बारे में अधिक जानकारी के लिए एग्रोस्टार के टोल फ्री नंबर 1800 3000 7345 पर मिस्ड कॉल दें।