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एग्री डॉक्टर सलाहएग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
सौंफ की फसल में सिंचाई व निराई - गुड़ाई प्रबंधन!
सौंफ की फसल की सिंचाई के लिए टपक पद्धति अपनाई जा सकती है। इस पद्धति से पानी कम लगता है। इससे विधि से सिंचाई करने पर आवश्यक मात्रा में पानी पौधों तक पहुंच जाता है। इसकी पहली सिंचाई पौध रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करनी चाहिए। इसके बाद आवश्यकतानुसार सिंचाई करते रहना चाहिए। इसके अलावा बीज बनते तथा पकते समय सिंचाई अवश्य करनी चाहिए। अब बात करें इसकी निराई गुड़ाई की तो इसकी निराई गुड़ाई कार्य पहली सिंचाई के बाद शुरू कर देना चाहिए तथा 45 से 50 दिन बाद निराई-गुड़ाई करते रहना चाहिए, क्योंकि फसल बड़ी होने पर होने पर निराई-गुड़ाई करते समय पौधे टूटने का डर बना रहता है।
स्रोत:- एग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, यदि आपको आज के सुझाव में दी गई जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे लाइक करें और अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद।
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