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कृषि वार्ताजी न्यूज़
सरकार ऐसे बढ़ाएगी किसानों की आमदनी, इस तरह से खेती करने पर मिलेगी 10 लाख की मदद!
👉योगी सरकार प्रदेश में किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए नित नए तरीकों का प्रयोग कर रही है। अब सरकार का मकसद है किसानों की आमदनी को ऐसे बढ़ाया जाए ताकि उनको पारंपरिक खेती करने में जिस तरह से नुकसान होता है, उससे बच जाएं। सरकार की मंशा प्रदेश को जैविक खेती (Organic Farming) का हब बनाने की है। इससे प्रदेश में पहले चरण में 63 जिलों की 68 हेक्टेयर रकबे में ऑर्गेनिक फसल लहलहाएंगी। 👉नमामि गंगे प्रोजेक्ट से जुड़े जिले होंगे शामिल:- इस प्रोजेक्ट में जिन जिलों को शामिल किया गया है उनमें 27 जिले नमामि गंगे परियोजना में और 36 जिले पारंपरिक खेती करते हैं। बेहतर तरीके से मॉनीटरिंग हो इसके लिए सरकार की एप्रोच क्लस्टर खेती की होगी। हर क्लस्टर 50 एकड़ का होगा। खेती करने वाले किसानों को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार 3 साल में प्रति क्लस्टर 10 लाख रुपये का ग्रांट भी देगी। इसमें से 3,30,000-3,30,000 रुपये पहले और तीसरे साल दिए जाएंगे। बीच के साल में यह ग्रांट 3,40,000 रुपये की होगी। 👉ये जिले होंगे शामिल:- जिन जिलों को इस योजना में शामिल किया जाएगा, उनमें झांसी, जालौन, ललितपुर, बांदा, हमीरपुर, महोबा, चित्रकूट, मीरजापुर, गोरखपुर, पीलीभीत, गोंडा, आगरा, मथुरा, वाराणसी, कौशांबी, फतेहपुर, देवरिया, फरुखार्बाद, उन्नाव, रायबरेली, बहराईच, बाराबंकी, श्रावस्ती, फैजाबाद, कानपुर देहात, आजमगढ़, सुल्तानपुर,कानपुर नगर, फिरोजाबाद, बदांयू, अमरोहा, बिजनौर, चंदौली, सोनभद्र, बलरामपुर और सिद्धार्थनगर शामिल हैं। 👉मंडल स्तर पर खोली जाएंगी जैविक उत्पाद मंडियां:- रकम में से 38 फीसद क्लस्टर के गठन, किसानों की क्षमता बढ़ाने, ब्रांडिंग और पैकेजिंग आदि पर खर्च होगा। क्लस्टर में शामिल किसानों को जैविक खेती के क्षेत्रों पर विजिट कराया जाएगा। विजिट के बाद उनको खेत की तैयारी, हरी खाद का प्रबंधन, नर्सरी की तैयारी, वर्मी कंपोस्ट, जैविक तरीके से कीटों और रोगों के प्रबंधन और वैल्यू एडीशन के लिए किसानों को उत्पाद की सफाई, ग्रेडिंग, पैकेजिंग, लेवलिंग का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। सरकार की योजना सभी मंडल मुख्यालयों पर जैविक मंडी खोलने की भी है। 👉इस वजह से लिया है सरकार ने फैसला:- आय के साथ सेहत के प्रति बढ़ती अवेयरनेस के कारण जैविक प्रोडक्‍ट की मांग बढ़ी है। लोग इनके अच्छे दाम देने को तैयार हैं। शर्त यह है कि ग्राहक को इस बात का भरोसा हो कि वह जो खरीद रहा है वह गुणवत्ता में खरा है। इसके लिए सरकार पीजीएस इंडिया गाजियाबाद से इन उत्पादों की टेस्टिंग भी करवाएगी। 👉अनाज का भंडार है इंडो गैंजेटिक बेल्ट:- इंडो गैंजेटिक बेल्ट दुनिया की सबसे उर्वर भूमि में शुमार है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अक्सर इसका जिक्र भी करते हैं। उनका कहना है कि सिर्फ इंडो गैंजेटिक बेल्ट की भूमि ही पूरी दुनिया का अनाज का भंडार बन सकती है। शर्त यह है कि इसमें खेती के अद्यतन तौर-तरीके की मदद ली जाए। रासायनिक जहर जीवनदायनी गंगा में न जाएं इसके लिए सरकार ने ये नयी पहल की है। 👉🏻 खेती तथा खेती सम्बंधित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए कृषि ज्ञान को फॉलो करें। फॉलो करने के लिए अभी ulink://android.agrostar.in/publicProfile?userId=558020 क्लिक करें। स्रोत-जी न्यूज़, प्रिय किसान भाइयों यदि आपको दी गयी जानकारी उपयोगी लगी तो इसे लाइक👍करें और अपने अन्य किसान मित्रों के साथ जरूर शेयर करें धन्यवाद।
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