सलाहकार लेखकृषक जगत
इस किसान ने उगाई सात फ़ीट की जैविक लौकी!
👉मानसिंह की सात फीट की जैविक लौकी:- मध्यप्रदेश के जिला होशंगाबाद के तहसील बनखेड़ी के ग्राम गरधा के प्रगतिशील कृषक मानसिह छोटेलाल गुर्जर दस वर्षो से प्राकृतिक नेचुरल फॉर्मिंग सफलता पूर्वक कर रहे हैं। ये देशी गाय के गोबर, गौमूत्र, छाछ से जैविक आदान सामग्री तैयार करते है। इनके प्रेरणास्रोत जिले के उत्साही कृषि उप संचालक श्री जितेंद्र सिंह के मार्गदर्शन से प्रेरित होकर श्री मानसिंह अपनी 16 एकड़ जमीन पर सफलतापूर्वक नेचुरल फॉर्मिंग कर रहे हैं एवं सभी तरह की फसलों का अच्छा उत्पादन हो रहा है। आज हमारी कृषि में खाद बीज कीटनाशकों की लागत अधिक हो गई है पर श्री गुर्जर खेत में आग नहीं लगाते बल्कि दस वर्षो से मल्चिंग कर खाद बनाते हैं। सभी आदान सामग्री हमारे पास मौजूद है उत्पादन बहुत अच्छा होता है एवं सभी अनाज दोगुने रेट पर घर से ही बिक्री हो जाती है हमारे लिए कभी बजार बेचने की जरूरत नहीं पड़ती एवं अन्य राज्यों में इनके नेचुरल फॉर्मिंग के अनाज की बहुत मांग रहती। श्री गुर्जर ने कहा हमारे नेचुरल फार्म पर बंशी गेहूं, खपलि गेहूं, शरबती गेहूं, कठिया, चंदौसी, सफेद पिस चना, देशी मसूर, सरसों, राई, मटर, मूंग, उड़द, तुअर, धान, कोदो कुटकी, रागी, कंगनी, सावा, मोरधन, मरकरा एवं किनौवा सब्जी सभी तरह की एवं सात फिट लंबी लौकी भी लगाई। मुझे कृषि विश्वविद्यालय पंत नगर उत्तराखण्ड द्वारा भी आमंत्रित किया गया। कई जगह सम्मानित एवं पंजाब, हरियाणा के किसानों एवं देश के अन्य राज्यों के किसानों दारा आपकी नेचुरल फॉर्मिंग का अवलोकन किया गया है। इनके द्वारा अनेक किसानों को प्रशिक्षण दिया गया है एवं वे सफलता पूर्वक खेती कर रहे हैं। 👉बीजामृत द्वारा बीज उपचार:- जीवामृत एवं धनजीवामृत द्वारा सभी खाद एवं पोषक तत्वों की पूर्ति की जाती है। नेचुरल फॉर्मिंग द्वारा ह्यूमस एवं बाफसा की निर्मित. देशी गाय के दूध एवं हल्दी के मिश्रण, छाछ दही का स्पे. फसल अवशेषों का आच्छादन (मल्चिग) कीटनाशक स्वयं बनाते हैं जैसे नीमास्त्र, ब्रहमास्त्र,आग्नेयास्त्र जिसमें खेती की लागत बहुत कम है प्राकृतिक नेचुरल फॉर्मिंग को देखने के लिए सभी राज्यों के किसानों का ताता लगा रहता है। इनके पास चार देशी गाय हैं जिससे वे सफलतापूर्वक प्राकृतिक नेचुरल फॉर्मिंग कर रहे हैं। 👉🏻 खेती तथा खेती सम्बंधित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए कृषि ज्ञान को फॉलो करें। फॉलो करने के लिए अभी ulink://android.agrostar.in/publicProfile?userId=558020 क्लिक करें।
स्रोत:- कृषक जगत, प्रिय किसान भाइयों दी गई जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे लाइक👍करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
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