क्षमाा करें, यह लेख आपके द्वारा चुनी हुई भाषा में नहीं है।
Agri Shop will be soon available in your state.
कृषि वार्ताकिसान समाधान
80 प्रतिशत की सब्सिडी पर 100 कस्टम हायरिंग केन्द्रों की शुरुआत!
👉🏻 राजस्थान सरकार प्रदेश में इस वर्ष 80 प्रतिशत अनुदान पर 100 कस्टम हायरिंग केंद्र की स्थापना कर रही है जिससे किसान कम दरों पर कृषि यंत्र आसानी से लेकर उनका उपयोग कर सकें। 100 सहकारी समितियों में कस्टम हायरिंग केंद्र की शुरुआत 👉🏻 कृषि मंत्री श्री लालचंद कटारिया ने कहा कि राज्य की 100 ग्राम सेवा सहकारी समितियों में कस्टम हायरिंग सेन्टर की शुरूआत से किसानों को अब सस्ती दर पर कृषि यंत्र ट्रैक्टर, हल, रोटावेटर, ट्रॉली, थ्रेसर, सहित अन्य उपकरण बाजार से सस्ती दरों पर किराए पर उपलब्ध होंगे। इससे गांव के किसानों को दर-दर नहीं भटकना होगा। श्री कटारिया गुरूवार को जयपुर केन्द्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड के परिसर मंक चयनित 6 बनेठी, कलवाड़ा, सरनाचौड़, चिमनपुरा, कुजोता एवं मुरलीपुरा ग्राम सेवा सहकारी समितियों को कृषि यंत्र उपलब्ध कराने के लिए आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। किसान ट्रैक्टर सहित टिड्डी स्प्रे मशीन भी ले सकेगें किराये पर 👉🏻 वर्तमान तकनीक को ध्यान में रखकर सस्ती दरों पर जीएसएस को ट्रैक्टर, हल, एवं रोटावेटर सहित अन्य यंत्र उपलब्ध कराए गए है। सरकार के इस प्रयास से किराए पर किसानों को कम दरों पर कृषि यंत्र स्थानीय स्तर पर मिल सकेंगे। इसके आलावा किसान अब कस्टम हायरिंग केंद्र से टिड्डी स्प्रे मशीन भी इन केन्द्रों से ले सकेंगे। 100 जीएसएस को कस्टम हायरिंग सेन्टर के लिए 8 करोड़ रुपए की सहायता 👉🏻 रजिस्ट्रार सहकारिता श्री मुक्तानन्द अग्रवाल ने कहा कि जीएसएस में कस्टम हायरिंग सेन्टर स्थापित करने के नवाचार के तहत समितियों की स्थानीय जरूरत के अनुसार कृषि यंत्रों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि 100 जीएसएस को कस्टम हायरिंग सेन्टर के लिए 8 करोड़ रुपए की सहायता उपलब्ध कराई गई है। पहले प्राइवेट लोगों के पास कृषि यंत्र किराए पर उपलब्ध होते थे। अब समितियों के पास उपलब्ध होने से किसानों को सहुलियत होगी। उन्होंने कहा कि सहकारिता एवं कृषि मंत्री की मंशा थी कि फसल चक्र से पूर्व कृषि यंत्र समितियों को उपलब्ध हो जाए ताकि किसानों को कम रेट पर यंत्र किराए पर कृषि कार्यो के लिए मिल सके। किस जिले में कितने कस्टम हायरिंग केंद्र 👉🏻 इस योजना के तहत राजसमन्द में 12, प्रतापगढ़ में 7, जयपुर में 6, श्री गंगानगर, बांसवाड़ा एवं बीकानेर में 5-5, भीलवाड़ा, हनुमानगढ़, चूरू एवं दौसा में 4-4, कोटा, उदयपुर, भरतपुर, झालावाड़, बूंदी, चित्तौड़गढ़ एवं अलवर में 3-3 केन्द्र खोले जाएंगे। इसी प्रकार सीकर, नागौर, बाड़मेर, अजमेर, डूंगरपुर, झुंझुनूं, जोधपुर, पाली, जैसलमेर एवं टोंक में 2-2 तथा धौलपुर, सवाई माधोपुर एवं करौली में एक-एक कस्टम हायरिंग केन्द्र की शुरुआत की गई है। स्रोत:- किसान समाधान, 👉🏻 प्रिय किसान भाइयों यदि आपको दी गयी जानकारी उपयोगी लगी तो इसे लाइक👍करें और अपने अन्य किसान मित्रों के साथ जरूर शेयर करें धन्यवाद। 👉🏻 खेती तथा खेती सम्बंधित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए कृषि ज्ञान को फॉलो करें। फॉलो करने के लिए अभी ulink://android.agrostar.in/publicProfile?userId=558020 क्लिक करें।
126
12
संबंधित लेख