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77 लाख किसानों के खाते में पहुंचे 1.18 लाख करोड़ रुपये!
कृषि वार्ताTV9
77 लाख किसानों के खाते में पहुंचे 1.18 लाख करोड़ रुपये!
🌾खरीफ विपणन सत्र (केएमएस) 2021-22 में किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर धान खरीद सुचारू रूप से की जा रही है.खरीफ विपणन सत्र 2021-22 में दिनांक 23.01.2022 तक चंडीगढ़, गुजरात, असम, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, झारखंड, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, तेलंगाना, राजस्थान, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, एनईएफ (त्रिपुरा), बिहार, ओडिशा, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों में 606.19 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद की गई है. सरकार (Government of India) का कहना है कि अब तक लगभग 77 लाख किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 1,18,812.56 करोड़ रुपये के भुगतान से लाभान्वित हो चुके हैं! 🌾MSP यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य वो मिनिमम रेट होता है जिस पर सरकार किसानों के अनाज खरीदती है. MSP की घोषणा सरकार की ओर से साल में दो बार रबी और खरीफ के मौसम में बुआई से पहले की जाती है! 🌾ताकि किसानों को जिन फसलों पर एमएसपी दी जा रही है उनके उत्पादन के लिए प्रोत्साहन मिले और किसानों के अनाज कम से कम MSP रेट पर बिके, ताकि उन्हें उपज का सही मूल्य मिले! 🌾कृषि सुधारों के लिए 2004 में स्वामीनाथन आयोग बना था. आयोग ने एमएसपी तय करने के कई फार्मूले सुझाए थे. डा. एमएस स्‍वामीनाथन समिति ने यह सिफारिश की थी कि एमएसपी औसत उत्‍पादन लागत से कम से कम 50 प्रतिशत अधिक होना चाहिए! 🌾हर साल बुआई से पहले फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय हो जाता है. हर खरीफ और रबी सीजन के लिए एमएसपी तय होता है. बहुत से किसान तो एमएसपी देखकर ही फसल बुआई करते हैं! 🌾एमएसपी पर सरकार विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से किसानों से अनाज खरीदती है. MSP पर खरीदकर सरकार अनाजों का बफर स्टॉक बनाती है! 🌾सरकारी खरीद के बाद FCI और नैफेड के पास यह अनाज जमा होता है. इस अनाज का इस्तेमाल सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के लिए होता है! 🌾अगर बाजार में किसी अनाज में तेजी आती है तो सरकार अपने बफर स्टॉक में से अनाज खुले बाजार में निकालकर कीमतों को काबू करती है! स्त्रोत:- TV9 👉🏻किसान भाइयों ये जानकारी आपको कैसी लगी? हमें कमेंट करके ज़रूर बताएं और लाइक एवं शेयर करें धन्यवाद!
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