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1 चार्ज में 100 किलोमीटर चलते हैं ये इलेक्ट्रिक वाहन!
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1 चार्ज में 100 किलोमीटर चलते हैं ये इलेक्ट्रिक वाहन!
🛵इलेक्ट्रिक वाहन को बूस्ट देने और इस क्षेत्र में क्रांति लाने के लिए एलोन मस्क और टेस्ला का काफी योगदान है. हालांकि, टेस्ला का अभी भारत आना बाकि है लेकिन इलेक्ट्रिक दिग्गज पहले से ही देश में ईवी का युग शुरू कर चुके हैं. कई वाहन निर्माता कंपनियों ने देशभर में इलेक्ट्रिक वाहन को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया है जिसका विस्तार तेज़ी से हो रहा है. नतीजतन, सड़क पर इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ने से भविष्य में लाखों बैरल तेल की मांग की खपत में कमी आएगी और पर्यावरण इको-फ्रेंडली बन सकेगा। भारत की टॉप इलेक्ट्रिक वाहन कंपनियां - ओकिनावा - 🛵ओकिनावा इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन, भारत के सबसे तेजी से बढ़ते निर्माताओं में से एक है. ओकिनावा बाजार में हाई-स्पीड इलेक्ट्रिक स्कूटर पेश करने वाली पहली भारतीय फर्म है. आप दुनिया की सबसे हार्ड ड्राइविंग रोड, खारदुंग ला (जम्मू और कश्मीर के लद्दाख क्षेत्र में पहाड़ी दर्रा) पर आराम से ओकिनावा चला सकते हैं। किआ मोटर्स - 🛵किआ मोटर्स हाइब्रिड प्लग-इन कार, ईवीएस, सस्टेनेबल और पर्यावरण मॉनिटर और कई अन्य प्रोडक्ट बनाती है. जीरो एमिशन की दिशा में इसके प्रयासों के परिणामस्वरूप ईवी मास मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम की स्थापना हुई. यह एक बड़ी लिथियम-आयन पॉलीमर बैटरी, उच्चतम दक्षता वाली मोटर, घरेलू उपयोग के लिए एक अंतर्निर्मित लंबी चार्जिंग प्रणाली और क्लस्टर बनाता है. यह जल्द ही Kia EV6 को लॉन्च करने वाला है। टाटा मोटर्स - 🛵टाटा मोटर्स, भारतीय ऑटोमोटिव कंपनियों में से एक है. ट्रक, यात्री वाहन, कोच, वैन, निर्माण उपकरण, बसों के साथ-साथ सैन्य वाहनों के निर्माण के लिए इस ब्रांड का अत्यधिक उपयोग किया जाता है. साल 2019 में Tata Motors ने Nexon EV को जारी किया था. यह लोकप्रिय Tata Nexon कॉम्पैक्ट SUV का इलेक्ट्रिक वर्जन है. इसकी मारक क्षमता लगभग 312km है. इसके अलावा, यह लगभग 129ps और 245Nm उत्पन्न कर सकता है. इस Nexon EV को Tata Motors के "Ziptron" इलेक्ट्रिक कार टेक ब्रांड के कंपोनेंट्स का उपयोग करके बनाया गया है. Tata Motors अपनी लोकप्रिय Tigor EV के लिए भी जानी जाती है जो पहले से ही बाजार में बेहद लोकप्रिय हो चुकी है। ओला इलेक्ट्रिक - 🛵ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी एक भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर निर्माता है, जो बैंगलोर में स्थित है. इसका निर्माण संयंत्र तमिलनाडु के कृष्णागिरी में स्थित है. कंपनी ने अपना पहला इलेक्ट्रिक स्कूटर, Ola S1 दो वेरिएंट में 15 अगस्त, 2021 को लॉन्च किया था. टॉप-स्पेक Ola S1 Pro वेरिएंट की कीमत 1,29,999 रुपए है जबकि ओला एस1 की कीमत 99,999 है। तुनवाल - 🛵तुनवाल ई व्हीकल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने देश का पहला तीन पहिया इलेक्ट्रिक स्कूटर, स्टॉर्म एडवांस पेश किया था. यह इलेक्ट्रिक वाहन विशेष रूप से बुजुर्गों, वरिष्ठ नागरिकों और विकलांग व्यक्तियों के लिए विकसित किया गया है. इस इलेक्ट्रिक स्कूटर में सिंगल चार्ज पर 50 किलोमीटर की रेंज और तीस किलोमीटर प्रति घंटे की पीक स्पीड है। लश मोटर्स - 🛵लश मोटर्स बहु-पुरस्कार विजेता हैदराबाद स्थित कंपनी है जिसे 2013 में स्थापित किया गया था. लश एल 1 इलेक्ट्रिक कार, देश का पहला स्मार्ट अर्बन व्हीकल है। महिंद्रा इलेक्ट्रिक - 🛵भारतीय ऑटोमोबाइल निर्माता महिंद्रा इलेक्ट्रिक ने पर्यावरण के अनुकूल परिवहन की दिशा में हरित प्रयास किया है. इसने भारत के बाजार में चार इलेक्ट्रिक कारें लॉन्च की हैं. जिससे देश को मिशन 2030 इलेक्ट्रिक में काफी मदद मिल सकेगी। कबीरा मोबिलिटी - 🛵साल 2017 में इंजीनियरों की एक टीम द्वारा कबीरा भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन व्यवसाय स्थापित किया गया. इसने वर्ष 2020 में भारतीय ऑटो एक्सपो में अपनी शुरुआत की है. यह कंपनी इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (Electric Two Wheeler) बनाती है जो अपना उत्पादन गोवा और धारवाड़ में करती है. गोवा में उत्पादन संयंत्र की क्षमता लगभग 10,000 इकाई है, जबकि धारवाड़ की भूमि में सुविधा की क्षमता लगभग 8,000 इकाई है. वहीं, साल 2017 में कबीरा मोबिलिटी ने छह स्कूटर पेश किए थे। अल्ट्रावाइलेट ऑटोमोटिव - 🛵अल्ट्रावियोलेट ऑटोमोटिव एक बेंगलुरू स्थित स्टार्ट-अप (Startup) है जो लक्जरी इलेक्ट्रिक मोटरबाइक बनाती है और टीवीएस मोटर कंपनी लिमिटेड द्वारा समर्थित है. अल्ट्रावियोलेट, शहर से शहर में रिचार्जिंग स्टेशनों का एक नेटवर्क बनाने की सोच रहा है जो इस कंपनी का लक्ष्य भी है, जिसकी शुरुआत बेंगलुरू से होगी। 🛵इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में बदलाव से भारत को 2030 तक लगभग एक गीगा टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को कम करने में मदद करेगा. सड़क पर प्रत्येक इलेक्ट्रिक वाहन आने वाली युवा पीढ़ी के लिए हानिकारक वायु प्रदूषण को कम करने में सहायक साबित होगा. पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग (Global Warming) और ख़राब जलवायु परिवर्तन से लड़ रही है, जिससे राष्ट्रों के बीच संघर्ष और राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है. ऐसे में यदि धीरे-धीरे सभी लोग इलेक्ट्रिक पर शिफ्ट होने लग जाएं तो इससे पर्यावरण को धुंध और जलवायु परिवर्तन को बचाने में मदद मिल सकेगी. वहीं, पारिस्थितिक क्षति को कम करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने की दिशा में यह एक बड़ी पहल है। स्त्रोत:- Agrostar किसान भाइयों ये जानकारी आपको कैसी लगी? हमें कमेंट करके ज़रूर बताएं और लाइक एवं शेयर करें धन्यवाद!
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