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करे पालक की खेती हेक्टेयर में लगभग 3 लाख की बचत!
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करे पालक की खेती हेक्टेयर में लगभग 3 लाख की बचत!
🌾नमस्कार किसान भाइयों स्वागत है आप का एग्रोस्टार के कृषि लेख में किसान भाइयों, हरदोई जिले में पालक की खेती करने वाले अरविंद मौर्य ने बताया कि अच्छा दाम मिले तो तीन महीने की फसल से एक हेक्टेयर में लगभग 3 लाख रुपये की बचत हो सकती है. कब-कब कर सकते हैं इसकी बुवाई. 🌾उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में इन दिनों जून-जुलाई में बोई गई पालक की फसल से किसान अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं. भारत में पालक की खेती साल भर की जाने वाली फसल है. यह फसल आयरन से भरपूर होती है. इसकी मांग पूरे साल रहती है. जून-जुलाई के शुरुआती दिनों में उगाई जाने वाली पालक सर्दियों तक कई कटिंग देती है. बारिश के दिनों में बोई जाने वाली पालक में ज्यादा पानी देने की भी आवश्यकता नहीं पड़ती. जिससे पानी के खर्चे की भी बचत किसानों की होती है. जिले के कछौना निवासी अरविंद मौर्य ने करीब 1 हेक्टेयर में इसकी खेती की है. 🌾अरविंद ने बताया कि उनके खेत की पालक जनपद की मंडियों के अलावा लखनऊ की मंडी में भी बेची जा रही है. उन्होंने करीब 8-8 इंच की दूरी पर पंक्ति में पालक के बीजों का रोपण किया है. रोपण करने के कुछ दिनों बाद पालक का अंकुरण शुरू हो गया था. वह इसकी पहली कटिंग बाजार में बेच चुके हैं. अच्छा मौसम और अच्छी बारिश मिलने से उनकी पालक की फसल बेहतरीन तरीके से बढ़त पर है. खेत को देखकर मन प्रसन्न हो रहा है. 🌾कितना है पालक का दाम:- मौर्य ने बताया कि उन्होंने एक हेक्टेयर में करीब 30 किलो बीज का इस्तेमाल किया था. पालक की फसल के लिए खेत तैयार करने से पहले उन्होंने गोबर की खाद का इस्तेमाल किया है. औसत मात्रा में उन्होंने नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश का इस्तेमाल किया है. पहली कटिंग 25 दिनों में की और दूसरी कटिंग करीब 30 दिनों में करने की तैयारी की है. 25 दिनों में तैयार हुई पहली पालक की कटिंग बाजार में जा चुकी है. किसान ने बताया कि करीब 30 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से पालक बाजार में बिक रही है. 🌾अच्छा मिलता है मुनाफा:- करीब तीन महीने की फसल का अंदाजा लगाया जाए तो एक हेक्टेयर में लगभग 3 लाख की बचत होने की उम्मीद जगी है. करीब 15 हजार रुपये की लागत आई है. अपनी मेहनत भी जोड़ दी जाए तो भी अच्छा मुनाफा है. हरदोई के जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि पालक में कीटों का प्रकोप कम होता है. हरदोई के किसान नीम की पत्तियों के घोल को छिड़काव कर कीटों के प्रकोप से अपनी फसल को बचा रहे हैं. खरपतवार नियंत्रण के लिए समय-समय पर खेतों की निराई गुड़ाई इत्यादि करते रहते हैं. 🌾कब-कब होता है पालक का सीजन:- यह फसल किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है. पूसा भारती, पूसा पालक, पूछा हरित जैसी करीब 16 प्रमुख पालक प्रजातियां हैं. इसे सर्दियों के दिनों में नवंबर-दिसंबर और गर्मियों के दिनों में फरवरी-मार्च और बारिश के दिनों में जून-जुलाई में पैदा किया जा सकता है. यह किसानों को पूरे साल लाभ देने वाली फसल है. जड़ों से करीब 6 सेंटीमीटर की दूरी पर पत्तियों की कटाई की जाती है जो बाजार में अच्छे दामों में बिकती है. अच्छी फसल करीब 20 दिन में कटिंग के लिए तैयार हो जाती है. डॉ. शेर सिंह ने बताया कि पालक आयरन से भरपूर पौष्टिक आहार है. पीलिया के मरीजों के लिए यह औषधि के समान है. 🌾स्रोत:- Agrostar किसान भाइयों ये जानकारी आपको कैसी लगी? हमें कमेंट करके ज़रूर बताएं और लाइक एवं शेयर करें धन्यवाद!
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