यूपी सरकार भी खेती में ड्रोन के प्रयोग को दिया बढ़ावा!
समाचारAgrostar
यूपी सरकार भी खेती में ड्रोन के प्रयोग को दिया बढ़ावा!
👉नमस्कार किसान भाइयों स्वागत है आप सभी का हमारे एग्रोस्टार के कृषि लेख में,उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने ड्रोन कृषि यात्रा के आगमन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि डिजिटल रूप से संचालित कृषि समय की आवश्यकता बनती जा रही है. 👉खेती किसानी को 21वीं सदी की तकनीक से जोड़ने के प्रयास जारी हैं. जिसके तहत केंद्र सरकार खेती में ड्रोन के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए लगी हुई है. इसी कड़ी में देश का सबसे बड़ा राज्य उत्तर प्रदेश भी प्रयासरत नजर आ रहा है. कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश सरकार भी खेती में ड्रोन के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है. इसके संकेत राज्य के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बीते दिनों लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में दिए हैं. उन्होंने कहा किड्रोन के उपयोग से खेती में आसानी होगी और राज्य सरकार ड्रोन तकनीक के बहुआयामी उपयोग के लिए उर्वरक के छिड़काव से लेकर विकास और कल्याणकारी परियोजनाओं की निगरानी तक के लिए ठोस प्रयास कर रही है. 👉कृषि ड्रोन यात्रा के अवसर पर बोले कृषि मंत्री:- असल में देशभर के किसानों के बीच ड्राेन तकनीक को पहुंचाने के प्रयास इन दिनों जारी हैं. इसी कड़ी में 15 जुलाई को महाराष्ट्र के शहर पुणे से एक ड्रोन यात्रा शुरू हुई थी. 13 राज्यों के 10 हजार किसानों को ड्रोन तकनीक के बारे में जागरूक करने के लिए आयोजित की जा रही यह कृषि ड्रोन यात्रा बीते दिनों लखनऊ पहुंची. जिसके आगमन के उपलक्ष्य में लखनऊ के मलिहाबाद में एक समारोह आयोजित किया. जिसमें कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की. इस दौरान उन्होंने उपरोक्त बातें कहीं. 👉यूपी की कृषि में ड्रोन की बहुत गुंजाइश:- इस समारोह में अपने संबोधन में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि डिजिटल रूप से संचालित कृषि समय की आवश्यकता बनती जा रही है. उत्तर प्रदेश धान, गेहूं, बाजरा, जौ के उत्पादन में अग्रणी है. यहां की कृषि व्यवस्था में ड्रोन के कई अनुप्रयोगों के उपयोग की बहुत बड़ी गुंजाइश है. 👉उन्होंने आगे कहा कि अब, हम अपने क्षेत्रों में नवीनतम तकनीक के लाभों को देख सकते हैं और वैश्विक गति के साथ इसका अनुभव कर सकते हैं. यह ड्रोन तकनीक न केवल युवाओं को रोजगार प्रदान करेगी बल्कि श्रम की कमी को भी दूर करेगी और मिट्टी और पर्यावरण को भी बचाने में मदद करेगी. 👉कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने अपने संबोधन में आगे कहा कियह उत्पादकों की आय को दोगुना करने की दिशा में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिबद्धता को पूरा करने में भी मदद करेगा. यह तकनीक फसलों को कीड़ों, मक्खियों और टिड्डियों से बचाने के अलावा छिड़काव की लागत को कम करके उनकी आय में वृद्धि करेगा. 👉स्त्रोत:-Agrostar किसान भाइयों ये जानकारी आपको कैसी लगी? हमें कमेंट करके ज़रूर बताएं और लाइक एवं शेयर करें धन्यवाद!"
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