होगी छप्परफाड़ पैदावार!
कृषि वार्ताAgrostar
होगी छप्परफाड़ पैदावार!
👉गेंहूँ की बुवाई को लेकर किसानों के लिए एडवाइस जारी की गई है भारतीय कृषि अनुसंधान विशेषज्ञों द्वारा कहा की वे गेहूं की बुवाई कब और कैसे कर सकते हैं. आइए इसके बारे में डिटेल में जानते हैं,देश में खरीफ फसलों की कटाई लगभग समाप्त होने वाली है. और गेहूं की बुवाई शुरू होने वाली है. ऐसे में किसानों को सही सलाह की ज्यादा जरूरत होती है.किसानों को गेहूं की बुवाई शुरू करने की तारीख बाताई गई है.वैज्ञानिकों ने सलाह दी है कि गेंहूँ के खेतों को तैयार करना चालू कर दें और 20 अक्टूबर से गेंहूँ की अगेती किस्मों की बुवाई शुरू कर सकते हैं. 👉आइये जानें गेंहूँ की फसल के बुवाई का सही समय भारतीय कृषि अनुसंधान विशेषज्ञों द्वारा जारी तारीख बुवाई 20 अक्टूबर से 10 नवंबर के बीच अगेती किस्मों की बुवाई कभी भी कर सकते हैं. वहीं गेहूं की दूसरी किस्मों की बात की जाए तो बुवाई के लिए 10 नवंबर से 25 नवंबर का समय सबसे उपयुक्त है. सम्पूर्ण जानकारी के विस्तार पूर्वक जानने के लिए नीचे दिए गए लेख को बिस्तार पूर्वक पढ़ कर जान सकते है! 👉अच्छी तरह जांच परखकर कर बीजों का चयन करें :- पूसा विशेषज्ञों के अनुसार किसान अलग- अलग बीजों को एक साथ ना मिलाएं और एक खेत में एक ही किस्म के बीजों की बुवाई करें,अच्छी पैदावर के लिए प्रामाणित बीजों का ही इस्तेमाल करें और बुवाई से पहले बीजों का उपचार जरूर करें ताकि बीज में रोग लगने की संभावना कम हो जाए.बीजों के उपचार के लिए थीरम और कैप्टॉन का प्रयोग कर सकते हैं. ध्यान रहें कि इसकी कोटिंग करने के बाद बीजों को किसी छायादार जगह पर जरूर सुखाएं. 👉रबी की फसल बोन से पहले गहरी जुताई बहुत आवश्यक है कृषि विशेषज्ञों ने गहरी जुताई न करने की सलाह दी है. इसके पीछे विशेषज्ञों का कहना है कि अगर बुवाई के दौरान गहरी जुताई की जाती है तो बीज उतनी अच्छी तरह से अंकुरित नहीं होती हैं. 👉स्त्रोत:-Agrostar किसान भाइयों ये जानकारी आपको कैसी लगी? हमें कमेंट करके ज़रूर बताएं और लाइक एवं शेयर करें धन्यवाद!
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