सलाहकार लेखएग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
हाइड्रोपोनिक्स तकनीक द्वारा चारा निर्माण
हाइड्रोपोनिक्स तकनीक द्वारा निर्मित हरा चारा अभाव की परिस्थितियों में कम लागत से उत्पादित एक अच्छा विकल्प है। मिट्टी के बिना केवल पानी का उपयोग करके ट्रे में अनाज उगाकर निर्मित चारे को हाइड्रोपोनिक्स चारा कहते हैं। यह चारा 9 दिनों में 20 से 30 सेमी तक बढ़ता है। इस चारे में प्रोटीन और पाचन योग्य ऊर्जा की अधिक मात्रा है।
1. हाइड्रोपोनिक्स चारा उत्पादन के लिए बांस, बांस मैट, प्लास्टिक ट्रे, 50% क्षमता वाले शेडनेट,फाॅगर सिस्टम आदि की आवश्यकता है। 2. इस सामग्री का उपयोग करके, 72 वर्ग फुट जगह में समायोजित हो ऐसे 25 फीट X 10 फीट X 10 फीट आकार की शेड का आवश्यकता है। 3. चारा बनाने के लिए मक्का, गेहूँ, जौ का उपयोग किया जाता है. 4. ये अनाज पानी में 10 से 12 घंटे तक भिगोकर रखा जाता है और फिर 24 घंटे के लिए छाया में एक बैग में रखते हैं । 5. इसके बाद एक प्लास्टिक की ट्रे में 1.5 से 2 किलो बीज फैलाते हैं. 6. इस तरह से एक दुधारू पशु के लिए 10 ट्रे, इस हिसाब से ट्रे की संख्या निर्धारित की जानी चाहिए । 7. इन प्लास्टिक ट्रे को 7 से 8 दिनों के लिए एक हाइड्रोपोनिक चारा बनाने वाले घर में रखा जाना चाहिए। 8. एक इंच के इलेक्ट्रिकल मोटर के साथ एक लेटरल जोड़कर, फाॅगर द्वारा प्रति दो घंटे 5 मिनट के प्रमाण में दिन में 7 से 8 बार पानी दिया जाना चाहिए। प्रति दिन 200 लीटर पानी की आवश्यकता होती है। 9. चारा 7 से 8 दिनों के भीतर बढ़ता है। आम तौर पर, 1 किग्रा मक्का से 10 किग्रा हरा चारा तैयार किया जाता है। हाइड्रोपोनिक चारे के लाभ: 1. चारा अभाव की स्थिति में हरा चारा बनाने का अच्छा विकल्प। 2. कम जगह, कम पानी, कम समय और कम लागत में पौष्टिक चारे का निर्माण। 3. पशु 90% चारे को पचा सकते हैं । 4. चारे के लागत में 40% कमी 5. जानवरों की प्रतिरोधक शक्ति में वृद्धि। 6. दूध की वसा सामग्री में वृद्धि, दूध का उत्पादन कम से कम 0.5 लीटर तक बढ़ जाता है। 7. जानवरों की प्रजनन क्षमता सक्रिय हो जाती है। 8. जानवरों के शरीर में प्रोटीन, खनिज, विटामिन की उपलब्धता बढ़ जाती है। संदर्भ- एग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस, 8 दिसम्बर 17
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