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हरित खाद की ताकत: ज़मीन को प्राकृतिक बल!
कृषि वार्ताAgroStar
हरित खाद की ताकत: ज़मीन को प्राकृतिक बल!
👉 बिहार की उपजाऊ ज़मीन और मेहनती किसान पूरे देश में मशहूर हैं। लेकिन आज रासायनिक खादों के लगातार इस्तेमाल से मिट्टी की उर्वरता घटती जा रही है। ऐसे समय में हरित खाद एक किफायती और टिकाऊ समाधान है, जो मिट्टी को फिर से ताकतवर बनाता है।👉 ढैंचा, मूँग, लोबिया, सन जैसी फसलें हरित खाद के रूप में इस्तेमाल होती हैं। इन्हें खासतौर पर बोया जाता है और 40-45 दिन बाद खेत में ही जोत दिया जाता है। इससे मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है और जैविक गुण सुधारते हैं।👉 बिहार के छोटानागपुर पठार से लेकर मिथिलांचल और मगध क्षेत्र तक – हर जगह किसान अब हरित खाद की ओर लौट रहे हैं। इससे खेत की नमी बनी रहती है, फसल की लागत घटती है और उत्पादन बेहतर होता है।👉 किसान भाइयों, अपनी ज़मीन को दीजिए प्राकृतिक ऊर्जा – हरित खाद अपनाइए और खेत को बनाइए ज़्यादा उपजाऊ और टिकाऊ!👉 संदर्भ : AgroStarकिसान भाइयों ये जानकारी आपको कैसी लगी? हमें कमेंट 💬करके ज़रूर बताएं और लाइक 👍एवं शेयर करें धन्यवाद।
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