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हरित खाद की ताकत: ज़मीन को प्राकृतिक बल!
कृषि वार्ताAgroStar
हरित खाद की ताकत: ज़मीन को प्राकृतिक बल!
👉 उत्तर प्रदेश की खेती में उत्पादन तो हो रहा है, लेकिन लगातार रासायनिक खादों के उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता गिर रही है। ऐसे में हरित खाद का उपयोग मिट्टी को फिर से ज़मीनदार बनाने का सस्ता और टिकाऊ तरीका है।👉 हरित खाद यानी ढैंचा, मूँग, लोबिया, सन जैसी फसलें जो नाइट्रोजन को हवा से खींचकर मिट्टी में छोड़ती हैं। यूपी के पूरब (गाजीपुर, बलिया, गोरखपुर) से लेकर पश्चिम (मेरठ, अलीगढ़, मुज़फ्फरनगर) तक – हर क्षेत्र में यह तरीका अपनाया जा सकता है।👉 जब खेत खाली होते हैं, तब हरित खाद बोकर 40-45 दिन में उसे खेत में जोत देने से मिट्टी की उर्वरता, नमी और जैविक गतिविधि में सुधार होता है। इससे अगली फसल की पैदावार में भी फ़ायदा मिलता है और खर्च कम होता है।किसान भाइयों, अब समय है कि रासायनिक विकल्पों से आगे बढ़कर मिट्टी को प्राकृतिक ताकत दी जाए। हरित खाद अपनाइए और अपनी ज़मीन को दीजिए नई जान!👉 संदर्भ : AgroStarकिसान भाइयों ये जानकारी आपको कैसी लगी? हमें कमेंट 💬करके ज़रूर बताएं और लाइक 👍एवं शेयर करें धन्यवाद।
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