योजना और सब्सिडीkrishi jagran
सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सरकार दे रही 75 प्रतिशत तक का मिलेगा अनुदान!
कृषि क्षेत्र में विकास के लिए जरुरी है की हम नई और आधुनिक तकनीकों का सहारा लेकर इस ओर आगे बढ़ें. किसानों को सबसे अधिक समस्या सिंचाई के समय होती है. वर्षा समय पर ना होने की वजह से किसानों को पम्पिंग सेट का इस्तेमाल करना पड़ता हैं। 👉जिसका खर्च हर कोई नहीं उठा पाता. हमारे समाज में आज भी वैसे किसानों की संख्या काफी अधिक है, जिनकी आय सरकार द्वारा तय किये गए मानक के बराबर या फिर उससे भी कम है. ऐसे में इस तरह के खर्चे उन्हें परेशानियों में जकड़ते चले जाते हैं। 👉इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने इसको लेकर कई विकल्प किसानों के सामने रखा है, जिसकी मदद से किसान आसानी से खेतों में सिंचाई कर सकते हैं. आपको बता दें आज के समय में जब कोयला, पेट्रोल और डीज़ल की कमी और भाव आसमान छूने लगा है. ऐसे में लोग सौर्य ऊर्जा की तरफ अपना रुख करते नजर आ रहे हैं. आपने अगर अपने आस-पास देखा होगा तो बीते कुछ समय में सोलर ऊर्जा से चलने वाली गाड़ियों की संख्या काफी बढ़ गयी हैं। 👉इसी प्रकार लोग अपने-अपने घरों में सोलर पैनल लगा कर बिजली का इस्तेमाल कर रहे हैं. इससे न सिर्फ उन्हें कम कीमतों में बिजली मिल रही है, बल्कि कई लोगों के आय का स्त्रोत भी बन गया है. जरुरत के अलावा बिजली चाहें तो वह बेच कर पैसे भी कमा सकते हैं। वहीं, दूसरी तरफ नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग द्वारा जिले में किसानों को सौर ऊर्जा ट्यूबवेल पर 75 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जा रहा है. विभाग द्वारा जिले में 4 हजार से अधिक किसानों के खेतों में सोलर पम्प स्थापित किए जा चुके हैं। 👉अतिरिक्त उपायुक्त स्वप्निल रविंद्रा पाटिल ने बताया कि विभाग द्वारा किसानों से प्रत्येक वर्ष सोलर कनेक्शन लेने के लिए आवेदन प्राप्त किए जाते हैं.अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि विभाग द्वारा किसानों की आवश्यकताओं के अनुसार सोलर पंप के उपकरण उपलब्ध करवाए जाते हैं, जिनमें 3 एचपी डीसी, 5 एचपी डीसी, 7.5 एचपी डीसी तथा 10 एचपी डीसी सरफेस (मोनोब्लॉक) शामिल हैं. बता दें कि योजना के तहत राज्य में 75 प्रतिशत सब्सिडी के साथ सोलर पंप स्थापित किए जा रहे हैं. इस योजना के तहत भारत सरकार 30 प्रतिशत केंद्रीय वित्तीय सहायता और राज्य सरकार 45 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान कर रही है। 👉क्या है सोलर पंप सोलर वाटर पंप पानी को उठाने का कार्य करता है जो की सोलर पेनल्स द्वारा बनी बिजली से चलता है. ये सिस्टम फाउंटेन पंप, पूल पंप, तालाबों में सर्कुलेशन पंप, पशु के लिए पानी उपलब्ध कराने, सिंचाई पंप, होम पंप, बागवानी फार्म और इसी तरह के अन्य अनुप्रयोगों के लिए विशिष्ट उपयोगी हैं. जहां सरकारी बिजली नहीं होती उन जगह के लिए यह सिस्टम ज्यादा फायदेमंद है.सोलर वाटर पंप दो प्रकार के है जो बेस्ट प्राइस पर उपलब्ध हैं: एक सबमर्सिबल सोलर पम्पस और दूसरा सरफेस सोलर वाटर पंप. यह दोनों ही DC और AC में उपलब्ध है. 👉सोलर पंप के प्रकार - वैसे तो कई टाइप के सोलर पंप हैं, लेकिन उनमे से केवल दो टाइप सबसे बेस्ट हैं, एक सबमर्सिबल सोलर पंप है और दूसरा सरफेस सोलर पंप! दोनों सोलर पंप डी.सी और ए.सी तकनीक में आते हैं. जहां पानी की गहराई का लेवल 15 मीटर से अधिक है वहाँ के लिए सबमर्सिबल पंप रेकमेंडेड किया जाता है. यह पंप पानी के अंदर रहता है और पानी को बाहर निकालता है. सोलर सबमर्सिबल पंप भारत में सबसे अधिक बिकने वाला पंप है क्योंकि अधिकतम क्षेत्रों में जल स्तर की गहराई बहुत अधिक हैं। स्रोत -कृषि जागरण 👉किसान भाइयों इस उपयोगी जानकारी को लाइक 👍 करें एवं अपने मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
45
8
अन्य लेख