योजना और सब्सिडीTV9
सॉइल हेल्थ कार्ड योजना!
🌱केंद्र सरकार की ओर से सॉइल हेल्थ कार्ड योजना के नाम से एक स्कीम चलाई जा रही है. इसके जरिए पंचायत स्तर पर मिनी सॉइल टेस्टिंग लैब स्थापित करनी होता है. इस लैब में आसपास के खेतों की मिट्टी की जांच की जाती है! क्या होता है इस लैब में? 👉इस लैब में खेत की मिट्टी जांच करवाकर यह पता किया जाता है कि मिट्टी में कौन सा पोषक तत्व मौजूद है. इसके आधार पर ही किसानों को उस खेत के लिए बेहतरीन फसल बोने की सलाह दी जाती है. मिट्टी का नमूना लेने, जांच करने एवं सॉइल हेल्थ कार्ड प्रदान कराने के लिए सरकार की ओर से 300 प्रति नमूना का रेट तय किया गया है! कौन खोल सकता है ये लैब? 👉केंद्र सरकार की इस स्कीम के जरिए 18 से 40 साल की उम्र वाले युवा गांव में इस लैब को खोल सकते हैं. खोलने वाले को एग्री क्लिनिक, कृषि उद्यमी प्रशिक्षण के साथ द्वितीय श्रेणी से विज्ञान विषय के साथ मैट्रिक पास होना जरूरी है. तभी वो इस स्कीम का लाभ उठाने के योग्य माने जाएंगे! कितना होगा खर्च? 👉किसी भी लैब को स्थापित करने के लिए लगभग 5 लाख रुपये तक का खर्च आता है. मगर सरकार सॉइल हेल्थ कार्ड योजना के तहत लैब लगाने वाले को 75 फीसदी रकम दे रही है. अगर आप लैब स्थापित करना चाहते हैं तो सरकार की ओर से आपको 3.75 लाख रुपये मिलेंगे. इसके बाद आपको सिर्फ एक लाख 25 हजार रुपये ही खर्च करने होंगे! यहां कर सकते हैं संपर्क- 👉अगर कोई गांव में लैब खोलना चाहता है तो वो जिले के कृषि उपनिदेशक, संयुक्त निदेशक या उनके कार्यालय में अपना प्रस्ताव दे सकता है. साथ ही agricoop.nic.in वेबसाइट और soilhealth.dac.gov.in पर भी इसके लिए संपर्क किया जा सकता है. किसान कॉल सेंटर (1800-180-1551) पर भी संपर्क कर अधिक जानकारी ली जा सकती है! स्त्रोत:- TV9 👉🏻प्रिय किसान भाइयों अपनाएं एग्रोस्टार का बेहतर कृषि ज्ञान और बने एक सफल किसान। यदि दी गई जानकारी आपको उपयोगी लगी, तो इसे लाइक👍🏻करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!🌱
15
2
संबंधित लेख