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सरसों बनेगी देश के 11 जिलों में खेती-किसानी और कारोबार की पहचान, जानिए क्या होगा लाभ?
👉🏻 खाद्य तेलों के मामले में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय तिलहन मिशन शुरू किया है। इसके तहत सरसों, सोयाबीन, सूरजमुखी और मूंगफली की खेती को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। यही नहीं मिनिस्ट्री ऑफ फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री ने सरसों और उससे संबंधित उत्पादों को देश के 11 जिलों का वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्‍ट (ODOP) घोषित कर दिया है। इनमें असम के चार, हरियाणा, यूपी, मध्य प्रदेश के एक-एक, राजस्थान और पश्चिम बंगाल के 2-2 जिले शामिल हैं। 👉🏻 यह इन जिलों में खेती-किसानी की खास पहचान बनेगा। इनके किसान सरसों की खेती (Mustard Farming) पर विशेष जोर देंगे। इसके प्रोडक्शन से लेकर कंज्प्शन तक की वैल्यू चेन डेवलप की जाएगी। दरअसल, भारत में एक तरफ गेहूं और चावल से गोदाम भरे हुए हैं तो दूसरी ओर तिलहन के मामले में हम दूसरे देशों पर निर्भर हैं। भारत खाद्य तेलों की अपनी जरूरतों का करीब 70 फीसदी इंपोर्ट करता है। जिसमें पाम ऑयल सबसे अधिक होता है। महत्वपूर्ण तिलहनी फसल है सरसों 👉🏻 पाम ऑयल के सबसे बड़े उत्पादक इंडोनेशिया और मलेशिया हैं। इस पर सालाना करीब 70,000 करोड़ रुपये खर्च हो रहा है। यह देश की अर्थव्यवस्था के लिए ठीक नहीं है। इसलिए सरकार किसी भी तरह से सरसों की खेती को बढ़ावा देना चाहती है। खाद्य तेलों में सरसों का योगदान करीब 28 फीसदी है। यह सोयाबीन के बाद दूसरी सबसे महत्वपूर्ण तिलहनी फसल है। इसकी खेती की तरफ किसानों का भी रुझान बढ़ा है क्योंकि इस साल दाम (Price) एमएसपी से ऊंचा मिला है। 👉🏻 सरसों से संबंधित ODOP जिले -दारांग (सरसों उत्पाद)- असम -धेमाजी (सरसों उत्पाद)-असम -डिब्रूगढ़ (सरसों उत्पाद)-असम -माजुली (सरसों तेल और बीज)-असम -रेवाड़ी (सरसों उत्पाद)-हरियाणा -मुरैना (सरसों उत्पाद)- मध्य प्रदेश -भरतपुर (सरसों आधारित उद्योग)-राजस्थान -टोंक (सरसों आधारित उद्योग)-राजस्थान -इटावा (सरसों)-उत्तर प्रदेश -नादिया (सरसों)-पश्चिम बंगाल -उत्तर 24 परगना (सरसों)-पश्चिम बंगाल 👉🏻 देश में सरसों के बड़े उत्पादक -कुल सरसों उत्पादन का 40.82 फीसदी राजस्थान पैदा करता है। -सरसों उत्पादन में हरियाणा 13.33 फीसदी योगदान देता है। -मध्य प्रदेश देश का 11.76 फीसदी उत्पादन करता है। -यूपी देश का 11.40 परसेंट सरसों पैदा करता है। -पश्चिम बंगाल देश का 8.64 फीसदी सरसों पैदा करता है। 👉🏻 नीति आयोग (Niti Aayog) की सीनियर एडवाइजर (एग्रीकल्चर) डॉ. नीलम पटेल के मुताबिक किसी खास उत्पाद को किसी खास जिले का ओडीओपी घोषित करने से किसानों और इससे जुड़े लोगों की इनकम में वृद्धि होगी। एक्सपोर्ट को बढ़ावा मिलेगा। इससे उस प्रोडक्ट की मांग में इजाफा होगा और किसान संपन्न होगा। फसल के लिए कृषि मंत्रालय सहयोग देगा। जबकि प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और अन्य कार्यों के लिए मिनिस्ट्री ऑफ फूड प्रोसेसिंग की प्रधानमंत्री कृषि संपदा योजना के जरिए मदद मिलेगी। 👉🏻 खेती तथा खेती सम्बंधित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए कृषि ज्ञान को फॉलो करें। फॉलो करने के लिए अभी ulink://android.agrostar.in/publicProfile?userId=558020 क्लिक करें। स्रोत:- TV 9 Hindi, 👉🏻 प्रिय किसान भाइयों अपनाएं एग्रोस्टार का बेहतर कृषि ज्ञान और बने एक सफल किसान। यदि दी गई जानकारी आपको उपयोगी लगी, तो इसे लाइक 👍 करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
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