AgroStar
सभी फसलें
कृषि ज्ञान
कृषि चर्चा
अॅग्री दुकान
सरसों की बुवाई से पहले भूमि एवं खेत की तैयारी!
गुरु ज्ञानतुषार भट
सरसों की बुवाई से पहले भूमि एवं खेत की तैयारी!
👉किसान मित्रों सरसों की फसल के लिए बलुई तथा बलुई दोमट मिट्टी उपयुक्त होती है। सरसों का बीज छोटा होने के कारण हमें मृदा का अत्यंत भुरभुरी बना देना चाहिए। जिससे जमाव अच्छी तरह से हो जाये। सरसो के लिए खेत की तैयारी: ◆ सबसे पहले मिट्टी पलटने वाले हल से जुताई करनी चाहिए, इसके बाद दो से तीन जुताई देशी हल या कल्टीवेटर से करना चाहिए। ◆ जुताई करने के बाद सुहागा लगा कर खेत को समतल करना सबसे जरूरी हैं| सरसों के लिए मिट्टी जितनी भुरभुरी होगी अंकुरण और बढवार उतना ही अच्छी होगी| ◆ बुआई के लिए सरसों का बीज अच्छी क्वालिटी का 4 से 5 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर के लिए पर्याप्त रहता है । ◆ सरसों के पौधों के आपस मे सघनता अच्छी पैदावार तय करता है। इसलिए पंक्ति से पंक्ति की दूरी 45 से 50 की दूरी तथा पौधे से पौधे की दूरी 10 सेमी रखें। ◆ रोपाई के 15 से 20 दिन के अंदर पहली सिंचाई की जानी चाहिए। ◆ सिंचाई के तीन से चार दिन बाद जब खेत चलने लायक हो जाए तब तीन से चार कुन्टल वर्मी कम्पोस्ट में 13.5 किग्रा. यूरिया मिलाकर जड़ों के पास देकर कुदाल या खुरपा या वीडर चला दें। ◆ दूसरी सिंचाई सामान्यतः पहली सिंचाई के 15 से 20 दिन बाद करते हैं, सिंचाई के पश्चात रोटरी वीडर/कोनी बीडर या कुदाल से खेत की गुड़ाई आवश्यक है। आवश्यकतानुसार पौधे पर हल्की मिट्टी भी चढ़ा दें। स्त्रोत:-तुषार भट, 👉किसान भाइयों ये जानकारी आपको कैसी लगी? हमें कमेंट करके ज़रूर बताएं और लाइक एवं शेयर करें धन्यवाद!
7
0
अन्य लेख