सलाहकार लेखचौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार
सरसों की फसल में ओरोबंकी खरपतवार का नियंत्रण!
👉🏻 किसान भाइयों परजीवी खरपतवार अपना जीवन-चक्र की उत्तारजीविता के लिए आंशिक या पूर्ण रूप से दूसरे स्वपोशित पौधों पर निर्भर रहते हैं। 👉🏻 ओरोबंकी, भूँईफोड़ या आग्या मुख्यतया सरसों कुल की फसलों का अपर्ण हरिती व्यक्त पुष्पीय पूर्ण रूप से मूल परजीवी खरपतवार होता हैं। यह फसल द्वारा सश्लेषि‍त पदार्थ को चूस कर फसल के उत्पादन को अपेक्षित रूप से कम कर देता है। आरोबेंकी आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण द्विबीजपत्रीय फसलों की जड़ों पर आक्रमण करते हैं। 👉🏻 सरसों की फसल में इसके प्रकोप से 10 से 70 प्रतिशत तक हानि हो सकती हैं। खरपतवार सरसों, तोरिया, राया आदि फसलों पर ओरोबैंकी का प्रकोप देखा गया हैं। 👉🏻 यह परपोषी पौधो के साथ पोषक तत्वों एवं जल की आपूर्तिं मे तीव्र प्रतिस्पर्धा कर पौधों को कमजोर बना देता है। फलस्वरूप पौधो की वृद्वि रूक सकती है एवं ग्रसित पौधों से प्राप्त उपज अप्रत्याशित मे कमी होती है। इसके नियंत्रण के लिए 👉🏻 उन्नत किस्मों के स्वस्थ व प्रमाणित बीज जिनमें खरपतवारों क़े बीजों का संक्रमण न हो क़ा प्रयोग करें। परजीवी ग्रसित खेतों से प्राप्त सरसों के बीज के प्रयोग से सवर्था बचें। 👉🏻 ग्रसित खेतों में प्रयोग करने के बाद कर्षण व कटाई के कार्य मे आये उपकरणों की सफाई करें 👉🏻 तदुरान्त अन्य खेत मे प्रवेश करावे और उचित पादप-स्वच्छता उपायों का पालन करें। 👉🏻 गर्मी के महीनों मे और फसल की बुवाई के समय खेत की तैयारी हेतु गहरी जुताई करें। स्रोत:- चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार, 👉🏻 प्रिय किसान भाइयों अपनाएं एग्रोस्टार का बेहतर कृषि ज्ञान और बने एक सफल किसान। दी गई जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे लाइक 👍 करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
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