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सरकार जनवरी से देगी एक-एक हजार रुपये की दो किस्त!
👉🏻योगी सरकार असंगठित क्षेत्र के पंजीकृत मजदूरों को 1000-1000 रुपये की दो किस्तों में भरण पोषण भत्ता देगी। श्रम विभाग ने इसका शासनादेश जारी कर दिया है। भत्ते की यह राशि असंगठित क्षेत्र के उन सभी मजदूरों को मिलेगी जो 31 दिसंबर तक उत्तर प्रदेश असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा बोर्ड में पंजीकृत होंगे। प्रदेश सरकार ने अनुपूरक बजट में चार माह तक इन श्रमिकों को 500 रुपये प्रतिमाह देने के लिए 4000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। पंजीकृत श्रमिकों को दो किस्तों में यह धनराशि दी जाएगी। भत्ते की पहली किस्त के तौर पर एक हजार रुपये जनवरी में देने की तैयारी है। सरकार दे सकती है 24 घंटे बिजली:- 👉🏻अनुपूरक बजट में 24 घंटे बिजली के लिए 1000 करोड़ आवंटित करने के बाद सरकार के इस फैसले को धरातल पर उतारने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। ऊर्जा विभाग ने इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना के साथ 24 घंटे बिजली सप्लाई का प्रस्ताव मुख्यमंत्री को भेज दिया है।उम्मीद की जा रही है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुशासन दिवस (पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती) 25 दिसंबर से इसके लिए हरी झंडी दे सकते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 24 घंटे बिजली सप्लाई का विधिवत उद्घाटन किया जाएगा। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद राज्य के इतिहास में पहली बार ऐसा होगा जब कोई सरकार पूरे प्रदेश में 24 घंटे अनवरत निर्बाध बिजली देगी। गांवों की बिजली सप्लाई में सीधे होगी छह घंटे की वृद्धि:- 👉🏻सरकार की इस नई घोषणा का सबसे अधिक लाभ ग्रामीण उपभोक्ताओं को मिलेगा। अभी गांवों में औसतन 18 घंटे बिजली दिए जाने का इंतजाम है। नई व्यवस्था में गांवों को भी 24 घंटे बिजली मिलेगी। यानी गांवों को सीधे छह घंटे अधिक बिजली मिलने लगेगी। अभी 21.30 घंटे बिजली पा रहे तहसील क्षेत्र के उपभोक्ता और 20 घंटे बिजली पा रहे बुंदेलखंड क्षेत्र के उपभोक्ताओं को भी सरकार के इस फैसले का लाभ मिलेगा। प्रदेश सरकार ने जिला, मंडल मुख्यालय, महानगर तथा औद्योगिक क्षेत्रों को 24 घंटे बिजली सप्लाई का इंतजाम पहले से ही कर रखा है। मांग से बहुत अधिक उपलब्ध है राज्य के पास बिजली:- 👉🏻राज्य में इस समय बिजली की औसतन अधिकतम मांग 15000 मेगावाट चल रही है। इसके सापेक्ष राज्य को बिजली मुहैया कराने वाली सभी विधाओं (उत्पादन निगम, सोलर प्लांट, प्राइवेट पार्टनर) की इकाइयों की उत्पादन क्षमता 27240 मेगावाट है। यह उपलब्धता अब तक की अधिकतम मांग जो कि 17 जुलाई को 25032 मेगावाट थी, से भी अधिक है। राज्य सरकार उत्पादन निगम की इकाइयों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजना पर भी काम कर रही है। वर्ष 2022 तक उत्पादन निगम की इकाइयों से 7260 मेगावाट अतिरिक्त बिजली का उत्पादन भी शुरू हो जाएगा। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक मौजूदा सरकार के कार्यकाल में ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली सप्लाई में अब तक 54 फीसदी तक वृद्धि की जा चुकी है। 1.30 लाख मजरों के 1.38 करोड़ घरों को कनेक्शन दिया गया है। यानी गांवों को 24 घंटे बिजली मिलने पर बहुत कम ही घर ऐसे होंगे जहां पर अंधेरा दिखेगा। छोटे-छोटे मजरों तक में बिजली पहुंचाई जा चुकी है। स्रोत:- Live Hindustan, 👉🏻किसान भाइयों ये जानकारी आपको कैसी लगी? हमें कमेंट करके ज़रूर बताएं और लाइक एवं शेयर करें धन्यवाद!
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