कृषि वार्ताDairy Gyan
सरकार के इस खास कार्यक्रम से होगा 10 लाख किसानों को लाभ!
👉🏻एक अनुमान के मुताबिक, क्लस्टर विकास कार्यक्रम यानी सीडीसी से 10 लाख किसानों को फायदा होगा और 10 हजार करोड़ रुपए का निवेश भी आएगा. इसमें से 6 हजार 500 करोड़ रुपए की राशि निजी क्षेत्र से आएगी. भारत एक कृषि प्रधान देश है. आज भी देश की बड़ी आबादी कृषि आधारित गतिविधियों पर निर्भर है. सबसे खास बात है कि कृषि के क्षेत्र में यहां असिमीत संभावनाएं हैं. हमारी सरकार भी खेती-किसानी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई तरह के प्रयास कर रही है. इसी कड़ी में हाल ही में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने क्लस्टर विकास कार्यक्रम की शुरुआत की है। 👉🏻भारत बागवानी फसलों का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है. विश्व की फल-सब्जियों का करीब 12 प्रतिशत उत्पादन अपने ही देश में होता है. ऐसे में क्लस्टर विकास जैसे कार्यक्रम बागवानी से जुड़े किसानों की आय बढ़ाने में मददगार साबित हो सकते हैं. हाल ही में शुरू किए गए क्लस्टर विकास कार्यक्रम के तहत 53 क्लस्टरों की पहचान की गई है. इनमें से 12 को प्रायोगिक चरण के लिए चुना गया है। प्रायोगिक चरण के लिए चुने गए क्लस्टर:- 👉🏻प्रायोगिक चरण के क्लस्टरों में सेब के लिए जम्मू-कश्मीर के शोपियां और हिमाचल के किन्नौर को चुना गया है. जबकि आम के लिए उत्तर प्रदेश के लखनऊ, गुजरात के कच्छ और तेलंगना के महबूबनगर का चुनाव हुआ है. केले के लिए आंध्र प्रदेश के अनंतपुर और तमिलनाडु के थेनी को चुना गया है. अंगूर के लिए महाराष्ट्र के नासिक और अनानास के लिए सिपाहीजाला का चयन हुआ है। 👉🏻अनार के लिए महाराष्ट्र का सोलापुर और कर्नाटक का चित्रदुर्ग को सरकार ने चुना है. हल्दी के लिए मेघालय की वेस्ट जयंतिया हिल्स को चुना गया है. यह कार्यक्रम भौगोलिक विशेषता का लाभ उठाने, बागवानी क्लस्टरों को एकीकृत करने और बाजार की मांग के अनुसार बागवानी को बढ़ावा देने के लिए तैयार किया गया है। 👉🏻सरकार का इरादा अगले 5 से 7 वर्षों में सभी क्लस्टरों में इस कार्यक्रम को लागू करने का है. सरकार को उम्मीद है कि इस कदम से बागवानी उत्पादों की निर्यात में 20 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकेगी। 10 लाख किसानों को मिलेगा लाभ:- 👉🏻एक अनुमान के मुताबिक, क्लस्टर विकास कार्यक्रम यानी सीडीसी से 10 लाख किसानों को फायदा होगा और 10 हजार करोड़ रुपए का निवेश भी आएगा. इसमें से 6 हजार 500 करोड़ रुपए की राशि निजी क्षेत्र से आएगी। 👉🏻सीडीसी का लक्ष्य बागवानी क्लस्टरों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाना है. क्लस्टर विकास कार्यक्रम के माध्यम से बागवानी उत्पदाकों की कुशलतापूर्वक और समयानुसार निकासी का इंतजाम किया जाएगा. इस कार्यक्रम के तहत मल्टी मॉडल परिवहन के प्रयोग के साथ अंतिम सिरे तक संपर्क स्थापित करते हुए इसके वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार की कोशिश की जाएगी. इस कार्यक्रम के तहत सरकार बागवानी क्षेत्र में आमूल-चूल परिवर्तन करना चाहती है। 👉🏻भारतीय बागवानी क्षेत्र में अच्छी संभावनाएं हैं. कोरोना महामारी के दौरान भी बागवानी और खाद्यान फसलों का उत्पादन बेहतर रहा है. ग्रीष्मकालीन बुवाई भी पिछले साल के मुकाबले 21 फीसदी ज्यादा है। स्रोत:- Dairy Gyan, 👉🏻प्रिय किसान भाइयों अपनाएं एग्रोस्टार का बेहतर कृषि ज्ञान और बने एक सफल किसान। दी गई जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे लाइक 👍🏻 करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
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