कृषि वार्ताNews 18
सरकारी जमीन सस्ते दामों पर मिलेगी लीज पर, ऐसे करें आवेदन
👉देश की कई राज्य सरकारें अब बंजर जमीनों (Barren Lands) को लीज पर देना शुरू कर दिया है. गुजरात पहला राज्य है, जिसने यह कदम उठाया था. अब मध्य प्रदेश, यूपी, बिहार, हिमाचल प्रदेश और असम जैसे राज्यों ने भी यह फैसला लागू कर दिया है. पिछले साल के आखिर में मोदी सरकार (Modi Government) के आदेश के बाद राज्य सरकारें बंजर जमीनों को अब लीज पर देने का काम शुरू कर दिया है. देश के आम नागरिक और कारोबारी भी अब इन सरकारी जमीनों को बेहद ही सस्ते दामों में लेकर खेती कर सकेंगे या कोई उद्योग धंधा शुरू कर सकते हैं. इसी साल देश में कृषि कानून के बाद हॉर्टिकल्चर पॉलिसी (Horticulture Policy) में भी बड़ा बदलाव किया गया था. ऐसे में अगर आप सरकारी बंजर जमीन लीज पर लेना चाहते हैं तो जिला कार्यलयों में या फिर राज्य सरकारों के वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। बंजर सरकारी जमीनें सस्ते दाम में लेकर आप भी रोजगार कर सकते हैं:- 👉इन सरकारी जमीनों पर आम आदमी औषधि‍ या फल उगाने का ही काम करेंगे. गुजरात पहला राज्य है, जिसने इस कानून को लागू कर दिया है. इस कानून के मुताबिक, पहले 5 साल तक कोई फीस नहीं ली जाएगी. जमीन को गैर-किसान भी लीज पर ले सकेंगे. जमीन को लीज पर देने का निर्णय एक हाईपावर कमेटी और कलेक्टर मिलकर करेंगे। मोदी सरकार के निर्देश के बाद लिया गया फैसला:- 👉मोदी सरकार के निर्देश पर कई राज्य सरकारों ने बंजर और गैरउपजाऊ भूमि को अब लीज पर देने का काम शुरू कर दिया है. गुजरात देश में ऐसा पहला राज्य बन गया है, जिसने अपने बंजर और गैरउपजाऊ जमीन को आम लोगों के खोल दिया है. इस मिशन को कृषि और बागवानी के विकास में तेजी और हर्बल पौधों की खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू किया जा रहा है। गुजरात देश के पहला राज्य बना:- 👉राज्य सरकार के इस फैसले के बाद किसानों की आय दोगुनी होने का दावा किया गया है. साथ ही रोजगार भी पैदा होगा. बागवानी विकास मिशन के तहत किसानों और गैर-किसानों को 30 सालों के लिए पट्टे पर एक अवधि के लिए अयोग्य और परती भूमि आवंटित की जाएगी. फिलहाल गुजरात सरकार पहले चरण में 20 लाख हेक्टेयर भूमि की पहचान की है, जो लीज पर दी जाएगी। कोई भी व्यक्ति ले सकेंगे लीज पर जमीन:- 👉गौरतलब है कि देश में इस समय ऐसे जमीनों की सर्वेक्षण का काम भी चल रहा है. पिछले साल मोदी सरकार ने इसको लेकर एक बैठक की थी. इस बैठक में राज्य सरकारों को ऐसी जमीन की पहचान कर एक पोर्टल पर डालने के निर्देश दिया गया था, जिससे कोई भी शख्स, समूह, कंपनी या संगठन जमीन के लिए आवेदन कर सकता है. हालांकि, भूमि के आवंटन पर अंतिम निर्णय एक उच्च शक्ति समिति द्वारा लिया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता राज्य के मुख्यमंत्री करेंगे। स्रोत:- News 18, 👉 प्रिय किसान भाइयों अपनाएं एग्रोस्टार का बेहतर कृषि ज्ञान और बने एक सफल किसान। दी गई जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे लाइक 👍 करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद
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