शहद को जल्द मिल सकता है GI टैग!
कृषि वार्ताAgrostar
शहद को जल्द मिल सकता है GI टैग!
👉राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड (एनबीबी) मधुमक्खी पालक समुदाय के उत्थान और मूल्यवर्धन को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न प्रकार के शहद के लिए भौगोलिक संकेतक (जीआई) का दर्जा पाने में हितधारकों का समर्थन करेगा. कृषि मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह बात कही. जीआई का दर्जा विशिष्ट भौगोलिक पहचान वाले उत्पादों को दिया जाता है. राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए जीआई महत्वपूर्ण है। 👉कृषि मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव अभिलक्ष लिखी ने शहद के जीआई के आवेदन और उपयोग पर एक बैठक की अगुवाई करते हुए कहा, जीआई के दर्जे से मधुमक्खी पालक समुदाय के उत्थान में काफी मदद मिलेगी. यह दर्जा मिलने के बाद मधुमक्खी पालक शहद और मधुमक्खियों से मिलने वाले अन्य उत्पादों के मूल्यवर्धन के लिए आगे बढ़ सकते हैं. एक अधिकारिक बयान के अनुसार, लिखी ने कहा कि एनबीबी राज्य सरकारों और अन्य हितधारकों के समर्थन से विभिन्न प्रकार के शहद के लिए जीआई का दर्जा प्राप्त करने के लिए हितधारकों का समर्थन करेगा। 👉ब्लॉकचेन प्रणाली विकसित करने के लिए शुरू किया गया है:- डॉ. लिखी ने कहा कि सरकार ने आत्मनिर्भर भारत घोषणा के अंतर्गत तीन वर्ष 2020-21 से 2022-23 के लिए 500 करोड़ परिव्यय के साथ “राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन और शहद मिशन” (एनबीएचएम) नामक एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना (सीएसएस) शुरू की है. 👉कृषि मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव अभिलक्ष लिखी ने शहद के जीआई के आवेदन और उपयोग पर एक बैठक की अगुवाई करते हुए कहा, जीआई के दर्जे से मधुमक्खी पालक समुदाय के उत्थान में काफी मदद मिलेगी। 👉स्त्रोत:-Agrostar किसान भाइयों ये जानकारी आपको कैसी लगी? हमें कमेंट करके ज़रूर बताएं और लाइक एवं शेयर करें धन्यवाद!
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