बागवानीकृषि जागरण
वैज्ञानिकों ने विकसित किया काला अमरुद!
👉🏻अमरुद सर्दियों के मौसम में खाए जाने वाला एक मुख्य फल है, जो हमारी सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है. जहां एक तरफ अमरुद सेहत के लिए लाभकारी है, तो वहीँ दूसरी तरफ अमरुद की बागवानी भी काफी लाभकारी साबित होती है। 👉🏻आमतौर पर ग्रामीण इलाकों में अमरूद के पेड़ देखने को मिलते है. यह फल सामान्य कीमत पर बाज़ार में उपलब्ध हो जाता है, इसलिए हर कोई इस फल का आसानी से सेवन कर सकता है. इस बीच अमरुद की एक किस्म (Variety Of Guava) लोगों के लिए काफी लोकप्रिय हो रही है. आइए आपको अमरुद की इस किस्म के बारे में विस्तार से बताते हैं- अमरूद की एक खास किस्म:- 👉🏻आपको बता दें कि बिहार कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा अमरुद की एक ख़ास किस्म को विकसित किया गया है. इसे काले अमरुद (Black Guava) के नाम से जाना जाता है. अमरुद की यह किस्म बड़ी खास है, क्योंकि इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व (Nutrients) हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) बढ़ते हैं. इसके साथ ही एंटी-एजिंग फैक्टर बढ़ती उम्र को रोकने में सहायक होते हैं. वैज्ञानिकों के अनुसार, इस अमरुद के सेवन से बुढ़ापे को लम्बे समय तक रोका जा सकता है। तीन साल पहले लगाई गई थी पौध:- 👉🏻बिहार कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों का कहना कि उन्होंने अमरुद की इस किस्म की पौध को 2 से 3 साल पहले लगाया गया था. इसमें अब फल आना शुरू हो गया है. उम्मीद है कि अमरुद की यह किस्म जल्द ही व्यावसायिक खेती के लिए उपयोग की जाएगी। काले अमरुद के गुण:- 👉🏻इस अमरुद में एंटीऑक्सीडेंट, मिनरल्स और विटामिन की मात्रा पाई जाती है। 👉🏻इस किस्म में रोग से लड़ने की क्षमता होती है। 👉🏻इस किस्म का गूदा अन्दर से लाल रंग का होता है। 👉🏻यह किस्म कब्ज और बवासीर जैसी बीमारियों के लिए भी लाभदायक है। 👉🏻इस किस्म में कैल्शियम और आयरन की मात्रा भरपूर होती है, इसलिए शरीर में एनीमिया की शिकायत दूर हो सकती है। स्रोत:- Krishi Jagran, 👉🏻प्रिय किसान भाइयों दी गयी उपयोगी जानकारी को लाइक 👍 करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
12
3
अन्य लेख