कृषि वार्ताTV9 hindi
वाह! अब एक ही पौधे पर उगेंगी तीन फसलें!
👉🏻किसान भाइयों इस खबर की हेडिंग पढ़कर आपको थोड़ी हैरानी जरूर हुई होगी! आलू उगाने के लिए आलू की खेती करनी होती है। उसी तरह टमाटर और बैंगन उगाने के लिए भी अलग-अलग खेती करनी होती है। लेकिन ये क्या… एक ही पौधे में आलू, बैंगन और टमाटर तीनों उगाए जा सकते हैं! जी हां, ये सुनकर आप हैरान जरूर हुए होंगे, लेकिन वैज्ञानिकों की तो ऐसी ही तैयारी है। 👉🏻परंपरागत खेती से अलग खेती की नई तकनीकों में ऐसी ही एक तकनीक है- ग्राफ्टिंग विधि। दरअसल इस तकनीक के जरिये कृषि वैज्ञानिकों ने एक ही पौधे में 2 तरह की सब्जी उगाई है। आप सोच रहे होंगे कि एक ही पौधे में 2 सब्जी कैसे! लेकिन ये सच है। उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में है- भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान। यहीं के वैज्ञानिकों ने यह कमाल कर दिखाया है। वाराणसी के भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान में वैज्ञानिकों ने एक ही पौधे में दो तरह की सब्जियां उगाई। क्या होती है ग्राफ्टिंग विधि? 👉🏻एक ही पौधे में दो या अधिक तरह की सब्जी या फल-फूल उगाने की तकनीक ग्राफ्टिंग विधि है। इसे सामान्य भाषा में कलम का प्रयोग भी कहा जा सकता है। जैसे एक पौधे के साथ दूसरे पौधे का क्रॉस कलम कराना। बहरहाल वाराणसी में वैज्ञानिकों ने टमाटर के पौधे में बैंगन के पौधे को कलम किया और एक ही पौधे में दोनों चीजें उगाई। 👉🏻ग्राफ्टिंग तकनीक बहुत नई नहीं है, बल्कि इसका इस्तेमाल कुछ वर्ष पहले से ही शुरू हो गया था। वैज्ञानिकों के मुताबिक, किसानों को इस तकनीक से बहुत फायदा होगा। खासकर उन इलाकों के किसानों को ज्यादा फायदा हो सकता है, जहां बरसात के बाद कई दिनों तक पानी भरा रहता है। वहीं, छत पर सब्जी उगाने वाले लोगों के लिए भी यह तकनीक क्रांतिकारी साबित होगी। इन बातों का रखना होगा ध्यान:- 👉🏻इस शोध में शामिल डॉ आनंद बहादुर सिंह के मुताबिक, ऐसे विशेष पौधे 24-28 डिग्री तापमान में 85 फीसदी से अधिक आर्द्रता और बिना प्रकाश के नर्सरी में तैयार किए जा सकते हैं। उनका कहना है कि ग्राफ्टिंग के 15 से 20 दिनों के बाद इसे जमीन में बोया जा सकता है। इसके लिए ठीक से सिंचाई, पर्याप्त उर्वरक और सही तरीके से कटाई-छंटाई की जानी चाहिए। इन पौधों में फल-फूल या सब्‍जी उगने में 60 से 70 दिन का समय लगता है। अब आगे की तैयारी:- 👉🏻भारतीय सब्जी अनुसंधान केंद्र में ग्राफ्टिंग तकनीक से एक ही पौधे में टमाटर और बैंगन उगाने को वैज्ञानिक महत्वपूर्ण मान रहे हैं। भारतीय सब्जी अनुसंधान के निदेशक जगदीश सिंह के मुताबिक, वहां ग्राफ्टिंग विधि के द्वारा बैगन की जड़ में टमाटर और बैगन के पौध की कलम बनाकर खेती की जा रही है। सबसे पहले आलू और टमाटर एक पौधे से उगाया गया और अब एक ही पौधे से बैंगन और टमाटर भी पैदा कर लिया गया है। अब वैज्ञानिकों का लक्ष्य एक ही पौधे से आलू, टमाटर और बैंगन… तीनों का सफल उत्पादन करना है। स्रोत:- TV9 hindi, 👉🏻प्रिय किसान भाइयों अपनाएं एग्रोस्टार का बेहतर कृषि ज्ञान और बने एक सफल किसान। दी गई जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे लाइक👍करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
13
2
संबंधित लेख