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सलाहकार लेखकिसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग मध्यप्रदेश
लहसुन की खेती के लिए बीज दर एवं बुवाई का समय!
किसान भाइयों आज के कृषि ज्ञान में हम जानेगें की लसुन की खेती के लिए बुवाई का समय एवं खाद एवं उर्वरक प्रबंधन के बारे में - बुवाई का समय - लहसुन की बुवाई का उपयुक्त समय सितम्बर के अंतिम सप्ताह से नवम्बर माह के अंत तक आप इसकी बुवाई कर सकते हैं। खाद व उर्वरक की प्रबंधन - खाद व उर्वरक की मात्रा भूमि की उर्वरता पर निर्भर करती है। सामान्यतौर पर प्रति हेक्टेयर 20-25 टन पकी हुई गोबर या कम्पोस्ट खाद, 100 किलोग्राम नत्रजन, 50 किलोग्राम फास्फोरस एवं 50 किलोग्राम पोटाश की आवश्यकता होती है। इसके लिए 175 किलोग्राम यूरिया, 109 किलोग्राम, डाई अमोनियम फास्फेट एवं 83 किलोग्राम म्यूरेट आफ पोटाश की जरूरत होती है। गोबर की खाद, डी.ए.पी. एवं पोटाश की पूरी मात्रा तथा यूरिया की आधी मात्रा खेत की अंतिम तैयारी के समय भूमि मे मिला देनी चाहिए। शेष यूरिया की मात्रा को खडी फसल में 30-40 दिन बाद छिडकाव के साथ देनी चाहिए। सूक्ष्म पोषक तत्व प्रबंधन - सूक्ष्म पोषक तत्वों की मात्रा का उपयोग करने से उपज मे वृद्धि मिलती है। 25 किलोग्राम जिन्क सल्फेट प्रति हेक्टेयर 3 साल में एक बार उपयोग करना चाहिए। टपक सिंचाई एवं फर्टिगेशन का प्रयोग करने से उपज में वृद्धि होती है जल में घुलनशील उर्वरकों का प्रयोग टपक सिंचाई के माध्यम से करें ।
स्रोत:- किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग मध्यप्रदेश, प्रिय किसान भाइयों दी गई जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे लाइक करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
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