योजना और सब्सिडीकिसान समाधान
राज्य में कुसुम योजना के तहत अभी तक 6496 किसानों को दिए गए सब्सिडी पर सोलर पम्प!
👉🏻 किसानों को उर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए तथा खेती की लागत कम करने के लिए साथ ही सुदूर क्षेत्रों में सिंचाई के संसाधन उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से नवीन एवं नवीनकरणीय मंत्रालय के द्वारा कुसुम योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत देश के किसानों को सब्सिडी पर सोलर पम्प उपलब्ध करवाए जाते हैं। इस योजना की शुरुआत वर्ष 2018–19 के केंद्रीय बजट से शुरू की गई है। सभी राज्य सरकारों के द्वारा राज्य के लिए कुसुम योजना के तहत अलग-अलग लक्ष्य निर्धारित किये गए हैं, लक्ष्य के अनुसार इच्छुक किसानों से आवेदन आमंत्रित कर उन्हें अनुदान पर सोलर पम्प दिए जाते हैं। राजस्थान विधानसभा में उर्जा मंत्री के द्वारा कुसुम योजना के कार्य प्रगति की जानकारी दी गई है जिसके अनुसार अभी तक 6 हजार से अधिक किसानों को सब्सिडी पर सोलर पम्प दिए गए हैं। जिसकी जानकारी किसान समाधान आपके लिए लेकर आया है।
राज्य में कुसुम योजना के तहत किसानों को दी जाने वाली सब्सिडी
👉🏻 राजस्थान में कुसुम योजना के तहत स्टेण्ड अलोन सौर कृषि पम्प की लागत की बेंच मार्क लागत या निविदा लागत इनमें से जो भी कम हो, के लिये 30 प्रतिशत केन्द्रीय सरकार की तरफ से सहायता, 30 प्रतिशत राज्य सरकार की और से सहायता दी जाती है अर्थात किसानों को कुल 60 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाती है। शेष 40 प्रतिशत अंशदान का भुगतान किसान को करना होता है। जिसमें भी केवल 10 प्रतिशत का भुगतान किसान दे सकते हैं और शेष 30 प्रतिशत ऋण के रूप में बैंक से वित्तिय सहायता ले सकते हैं। अर्थात सौर ऊर्जा पम्प सयंत्रों पर किसानों को 60 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। किसान के हिस्से से लगने वाली 40 प्रतिशत राशि में से 30 प्रतिशत राशि तक का लोन किसान बैंक से ले सकते हैं जिससे उन्हें मात्र 10 प्रतिशत राशि ही देनी होती है।
👉🏻 राजस्थान में कुसुम योजना के तहत 25,000 सौर उर्जा पम्प सयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। जिसके लिए केंद्र सरकार ने प्रथम किश्त के रूप में 68.97 करोड़ रूपये तथा राज्य सरकार राज्यांश अनुदान हेतु 267 करोड़ उपलब्ध करवा दिए गए हैं।
योजना के तहत 6496 किसानों को दिए गए सोलर पम्प
👉🏻 नवीन तथा नवीनीकरण उर्जा मंत्रालय के द्वारा 60 प्रतिशत के अनुदान पर चलाई जा रही कुसुम योजना से अभी तक 6,496 किसानों को लाभ प्राप्त हुआ है। यह सभी किसान अपने खेतों में सोलर पम्प लगवा चुके हैं। जयपुर जिले में 1,331 किसानों को सबसे ज्यादा लाभ मिला है तो दुसरे और तीसरे नंबर पर चुरू (901), टोंक (722) जिले शामिल है। जबकि दूसरी तरफ धौलपुर तथा हनुमानगढ़ जिले में किसी किसानों को लाभ प्राप्त नहीं हुए हैं।
जिलेवार किसानों को दिए गए सोलर पम्प
👉🏻 योजना के तहत अभी तक अजमेर जिले के 366 किसानों को, अलवर जिले में 199, बाँसवाड़ा जिले में 5, बारन जिले में 36, बाड़मेर में 86, भरतपुर में 81, भीलवाडा में 162, बीकानेर में 262, बूंदी में 128, चितौडगढ़ में 113, चुरू में 901, दौसा में 85, धौलपुर में 0 ,डूंगरपुर में 0, हनुमानगढ़ में 206, जयपुर में 1331, जैसलमेर में 155, जालौर में 101, झालावाडा में 10, झुंझुनू में 156, जोधपुर में 72, करौली में 32, कोटा में 31, नागौर में 70 , पाली में 76, प्रतापगढ़ में 51, राजसमंद में 114, सवाई-माधोपुर में 114, सीकर में 318, सिरोही में 169, श्रीगंगानगर में 271, टोंक में 722 उदयपुर में 73 किसानों को अनुदान पर सोलर पम्प दिए गए हैं।
7.5 हार्स पॉवर तक के सोलर पम्प पर दिया जाता है अनुदान
👉🏻 नवीन एवं नवीकरणीय उर्जा मंत्रालय के द्वारा चलाई जा रही योजना के तहत किसानों को 2 हार्स पावर से लेकर 7.5 हार्स पवार तक के लिए सब्सिडी उपलब्ध करवाई जा रही है। राजस्थान में किसान योजना के तहत 3 हार्स पॉवर से 7.5 HP तक के सोलर पम्प अनुदान पर ले सकते हैं इसके अलावा किसानों के द्वारा 10 हार्सपावर की मोटर उपयोग करने के बाबजूद भी सब्सिडी दी जाएगी परन्तु सब्सिडी 7.5 हार्सपावर के अनुसार ही दी जाती है।
स्रोत:- किसान समाधान,
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