कृषि वार्ताकृषि जागरण
राजस्थान सरकार ने किसानों के लिए किये यह पांच बड़े काम!
👉🏻 जयपुर. राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार ने अपने दो साल पूरे कर लिए हैं। सरकार जहां हर वर्ग की खुशहाली की बात कह रही है, वहीं अलग-अलग विभागों द्वारा अपनी उपलब्धियां भी गिनाई जा रही हैं। प्रदेश के परिदृश्य को अगर देखें तो यहां सबसे बड़ा तबका किसान वर्ग का है। प्रदेश की सात करोड़ की आबादी में लगभग चार करोड़ किसान हैं। धरतीपुत्रों की कसौटी पर परखे बिना सरकार की सफलता की बात करना बेमानी है। शासन के इन दो वर्षों में कृषि विभाग द्वारा पांच काम किए गए। बीमा क्लेम का हुआ भुगतान 👉🏻 किसानों को उनकी कृषि उपज का उचित मूल्य दिलवाए जाने और किसान कल्याण के विभिन्न कार्य संचालित किए जाने के मकसद से कृषक कल्याण कोष का गठन किया गया। कोष से दो हजार करोड़ रूपए का बैंक ऋण लेकर 1,750 करोड़ रूपए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के राज्यांश प्रीमियम का भुगतान किया गया। इससे खरीफ-2019 तक के लगभग सभी बीमा क्लेमों का भुगतान किसानों को करवाया गया। मोबाइल एप के जरिए फसल कटाई प्रयोग 👉🏻 बीमा दावों के त्वरित निस्तारण के लिए सीसीई मोबाइल एप के माध्यम से फसल कटाई प्रयोग का आयोजन शुरू किया गया। स्मार्टफोन के माध्यम से सीसीई मोबाइल एप के द्वारा खरीफ 2019 सीजन में एक लाख दो हजार और रबी 2019-20 सीजन में एक लाख 14 हजार फसल कटाई प्रयोग सम्पादित किए गए जो देश में सर्वाधिक है। इसी तरह खरीफ 2020 में 95 हजार 441 फसल कटाई प्रयोग संपादित किए गए। टिड्डी नियंत्रण के लिए मुफ्त कीटनाशक 👉🏻 टिड्डियों के नियंत्रण के लिए किसानों को निशुल्क कीटनाशक उपलब्ध करवाए गए। 70 हजार 156 किसानों को 94 हजार 567 लीटर कीटनाशी रसायन मुफ्त उपलब्ध करवाए गए। साल 2019-20 में 93 हजार 178 किसानों को प्रेरित कर एक लाख 42 हजार 699 हेक्टेअर फसली क्षेत्र में टिड्डी नियंत्रण किया गया। इसी तरह 2020-21 में कृषि और अकृषि क्षेत्र में दो लाख 59 हजार 806 हेक्टेअर क्षेत्र में टिड्डी नियंत्रण। किसानों को नहीं हुई खाद की किल्लत 👉🏻 दिसंबर 2018 से 30 नवंबर 2020 की अवधि में किसानों को 47 लाख 29 हजार मीट्रिक टन यूरिया और 16 लाख 83 हजार मीट्रिक टन डी.ए.पी उपलब्ध करवाया गया। राज्य में मांग के अनुरूप उर्वरकों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित हो इसके लिए एक लाख 95 हजार मीट्रिक टन यूरिया और 78 हजार मीट्रिक टन डी.ए.पी का अग्रिम भण्डारण किया गया। बूंद-बूंद पानी सहेजने की कवायद 👉🏻 जल प्रबंधन के तहत नहरी क्षेत्र में चार हजार 120 डिग्गियों का निर्माण हुआ। कूप-नलकूप सिंचित क्षेत्रों में एक हजार 116 जलहौज बनाए गए। बारिश के पानी के संग्रहण के लिए आठ हजार 106 फार्म पॉन्ड का निर्माण करवाया गया। इसी तरह कुओं से खेत तक होने वाले पानी के अपव्यय को बचाने के लिए 15 हजार 216 किलोमीटर सिंचाई पाइप लाइन स्थापित करवाई गई। स्रोत:- News 18, 16 Dec. 2020 👉🏻 प्रिय किसान भाइयों यदि आपको दी गयी जानकारी उपयोगी लगी तो इसे लाइक👍करें और अपने अन्य किसान मित्रों के साथ जरूर शेयर करें धन्यवाद।
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