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ये ‘हाथीघास’ क्या है, जिसकी खेती से पशुपालक-किसानों रहते है टेंशन फ्री !
हाइब्रिड नेपियर घास को गर्म मौसम की फसल कहा जाता है. नेपियर घास की उपज सभी तरह की मिट्टियो में हो सकती है. हालांकि दोमट मिट्टी इसके लिए उपयुक्त मानी जाती है. देश में बहुत सारे किसान ऐसे हैं, जो पशुपालन भी करते हैं. किसान गाय-भैंस से लेकर अलग-अलग क्षेत्रों में तरह-तरह के पशु पालते हैं. इन पशुओं के लिए चारा जुटाना बड़ी जिम्मेदारी होती है. बढ़ती महंगाई के साथ पशु आहार भी महंगे हुए हैं. इन पशुओं को हरी घास नसीब हो तो दूध भी अच्छी मात्रा में देते हैं. लेकिन खूब सारी मात्रा में हरी घास कहां से लाई जाए? किसानों और पशुपालकों की इसी समस्या का हल है, हाथी घास. इसका मूल नाम नेपियर घास है. चूंकि यह बहुत तेजी से बढ़ती है और इसकी हाईट इंसानों से काफी ज्यादा होती है, इसलिए इसे हाथी घास भी कहा जाता है. पशुओं के लिए यह पौष्टिक चारा है. कैसे करें नेपियर घास की खेती? नेपियर घास की उपज सभी तरह की मिट्टियो में हो सकती है. हालांकि दोमट मिट्टी इसके लिए उपयुक्त मानी जाती है. खेत की तैयारी के लिए एक क्रॉस जुताई हार्रो से और फिर एक क्रॉस जुताई कल्टीवेटर से करना सही रहता है. इससे खरपतवार पूरी तरह खत्म हो जाते हैं. इसे अच्छे से लगाने के लिए उचित दूरी पर मेड़ बनाना चाहिए. इसे तने की कटिंग और जड़ों द्वारा भी लगाया जा सकता है. हालांकि अब ऑनलाइन भी इसके बीच मिलने लगे हैं. खेत में 20-25 दिन तक हल्की सिंचाई करते रहना चाहिए. अभी जो समय है यानी बारिश के समय इसे लगाना आसान होता है. पोषक तत्वों से भरपूर पशु चारा पशुओं के चारे के लिए नेपियर घास बहुत ही उपयुक्त माना जाता है. संकर नेपियर घास में क्रूड प्रोटीन 8-10 फीसदी, क्रूड रेशा 30 फीसदी और कैल्सियम 0.5 फीसदी होता है. इसके अलावा 16-20 फीसदी शुष्क पदार्थ, 60 फीसदी पाचन क्षमता और 3 फीसदी औक्सालेट वाला यह चारा है. इस चारे को दलहनी चारे के साथ मिला कर पशुओ को खिलाना चाहिए. अपने खेतों के एक हिस्से में नेपियर घास लगा लेने से पशुपालक किसानों को चारे की टेंशन नहीं रह जाती है. स्रोत:- TV 9 Hindi, 👉🏻 प्रिय किसान भाइयों अपनाएं एग्रोस्टार का बेहतर कृषि ज्ञान और बने एक सफल किसान। यदि दी गई जानकारी आपको उपयोगी लगी, तो इसे लाइक 👍 करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद !
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