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सलाहकार लेखएग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
मिट्टी परीक्षण के लिए मिट्टी का नमूना कैसे लें
हाल ही में, यह पाया गया है कि किसान मिट्टी के स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जैविक उर्वरकों की कमी और रासायनिक उर्वरकों के असंतुलित उपयोग से मिट्टी की उत्पादकता कम हो रही है। इसलिए, किसान को हर दो साल में अपने खेत का मिट्टी परीक्षण करवाने की आवश्यकता है।
मिट्टी का नमूना कैसेे लें? • फसल कटाई के बाद या बुवाई से पहले, जैविक और रासायनिक उर्वरक देने से पहले या देने के तीन महीने बाद मिट्टी का नमूना लिया जाना चाहिए। मिट्टी परीक्षण के लिए, 1/2 किग्रा मिट्टी की आवश्यकता होती है। • मिट्टी परीक्षण के लिए जमीन में सर्पाकार तरीके से 8 से 10 स्थानों से मिट्टी का नमुना लिया जाना चाहिए। • मिट्टी का नमूना लेते समय, 15 से 20 सेंटीमीटर गहरा V आकार का गड्ढा खोदकर, गड्ढे के एक तरफ से मिट्टी लेनी चाहिए। मिट्टी की परत 2 से 3 सेमी मोटी होनी चाहिए। • जमीन के 8 से 10 स्थानों से मिट्टी के नमूने लेने के बाद, पत्थर, डंठल और कचरा निकालकर मिट्टी को साफ करना चाहिए। • एक स्टील की कटोरी में जमीन से लिए गए सभी नमूने अच्छी तरह से मिलाएं और छलनी से छानकर एक थैली में आधा किग्रा मिट्टी लें। एक कागज पर किसान और गाँव का नाम, जमीन का सर्वे नंबर थैली पर लगाकर परिक्षण के लिए देना चाहिए। मिट्टी परीक्षण का उद्देश्य। फसल वृद्धि के लिए जमीन में किन पोषक तत्वों की कमी और उसे पूरा करने के लिए क्या करना चाहिए यह निर्धारित करने के लिए मिट्टी परिक्षण आवश्यक है।
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