सलाहकार लेखउत्तरप्रदेश कृषि विभाग
मसूर में माहू कीट से बचाव के उपाय!
👉🏻किसान भाइयों मसूर की फसल में लगने वाले इस कीट के शिशु एवं प्रौढ़ पत्तियों, तनों एवं फलियों का रस चूस कर कमजोर कर देते है। माहू मधुस्राव करते है जिस पर काली फफूँद उग आती है जिससे प्रकाश संश्लेषण में बाधा उत्पन्न होती है। 👉🏻यदि कीट का प्रकोप आर्थिक क्षति स्तर पार कर गया हो तो निम्नलिखित कीटनाशों का प्रयोग करना चाहिए:- माहूँ कीट खड़ी फसल में कीट नियंत्रण हेतु डाईमेथोएट 30 प्रतिशत ई.सी. अथवा मिथाइल-ओ-डेमेटान 25 प्रतिशत ई.सी. की 400 मिली० अथवा मोनोक्रोटोफास 36 प्रतिशत एस.एल. 300 मिली0 प्रति एकड़ की दर से लगभग 200 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करना चाहिए। एजाडिरेक्टिन (नीम आयल) 0.15 प्रतिशत ई.सी., 1 लीटर प्रति एकड़ की दर से भी प्रयोग किया जा सकता है। स्रोत:- उत्तरप्रदेश कृषि विभाग, प्रिय किसान भाइयों दी गई जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे लाइक👍करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
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