सफलता की कहानीकृषि जागरण
मछली पालन के व्यवसाय से कमा सकते हैं लाखों!
👉🏻मछली पालन आर्थिक लाभ का बढ़िया जरिया साबित हो रहा है. परिणाम यह है कि मौजूदा समय में मछली पालन के प्रति किसानों का मोह काफी तेजी से बढ़ रहा है. इसकी एक मिसाल उत्तराखंड के उधम सिंह नगर में रहने वाले कपिल तलवार ने साबित की है! बॉयोफ्लॉक तकनीक से मछली पालन - 👉🏻कोरोना काल की वजह से कई लोगों का रोजगार छिन गया है, जिसमें कपिल तलवार भी शामिल हैं. उनके पास भी आय का कोई साधन नहीं रहा था, फिर इस दौरान उन्होंने जिले के मत्स्य पालन विभाग से संपर्क किया! 👉🏻इसके बाद विभाग ने मछली पालन के व्यवसाय (Fish Farming) का सुझाव दिया गया. इसके लिए उन्हें लगभग 50 टैंकों की स्थापना का सुझाव दिया, साथ ही मछली पालन करने के लिए बायोफ्लॉक तकनीक (Biofloc Technology) अपनाने के लिए कहा गया! क्या है बॉयोफ्लॉक तकनीक? 👉🏻बायोफ्लॉक तकनीक (Biofloc technology) एक आधुनिक व वैज्ञानिक तरीका है. इसकी मदद से बिना तालाब की खुदाई किए एक टैंक में मछली पालन किया जा सकता है! 👉🏻बायोफ्लॉक तकनीक को अपनाने से कम पानी और कम खर्च में मछली पालन (Fish Farming) कर मुनाफा कमा सकते हैं. खास बात यह है कि इस तकनीक में कई प्रजातियों की मछलियां पाली जा सकती हैं, जिनकी बाजार में अच्छी मांग होती है! मछली पालन के लिए 20 लाख की सब्सि़डी- 👉🏻कपिल तलवार की मानें, तो इस मछली पालन के व्यवसाय को शुरू करने के लिए सरकार द्वारा 20 लाख रुपए की सब्सिडी प्रदान की गई. बता दें कि कपिल तलवार इस यूनिट के स्थापना के बाद वे पिछले 4 महीने के अंदर प्रति टैंक से 2 कुंतल मछली निकाल चुके हैं. इतना ही नहीं, विभाग द्वारा समय-समय पर मछली पालन (Fish Farming) को लेकर नई तकनीक की जानकारी भी दी जाती है! क्यों है बॉयोफ्लॉक विधि फायदेमंद? - 👉🏻हमेशा मत्स्य विभाग द्वारा किसानों को बायोफ्लॉक तकनीक से मछली पालन (Fish Farming) करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है. विशेषज्ञों की मानें, तो इस तकनीक की खास बात यह है कि इसके जरिए कृषि कार्यों के साथ-साथ कम पानी, जगह, लागत, समय में अधिक मुनाफा कमा सकते हैं! किसानों की आय बढ़ाने का लक्ष्य - 👉🏻भारत सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोगों, बेरोजगारों और किसानों की आय को बढ़ाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है. इस क्षेत्र के विकास के लिए कई उपयोगी योजनाएं चलाई जा रही हैं! 👉🏻इसके अलावा जागरूकता अभियान भी चलाए जाते हैं. इनके जरिए किसानों को मछली पालन की नई तकनीक की जानकारी मिलती है, साथ ही अधिक मुनाफा कमाने का बेहतर मौका भी मिलता है! इन बातों का रखें ध्यान - - टैंक में तय तापमान बनाए रखें! - 24 घंटे बिजली की व्यवस्था जरूर होनी चाहिए! - टैंक में मौजूद ऐरोबिक बैक्टीरिया को जिंदा रखना जरूरी है! स्त्रोत:- कृषि जागरण 👉🏻प्रिय किसान भाइयों अपनाएं एग्रोस्टार का बेहतर कृषि ज्ञान और बने एक सफल किसान। दी गई जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे लाइक👍करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
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