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योजना और सब्सिडीकृषि जागरण
भूमि विकास बैंक की कृषि ऋण योजनाएं
👉🏻 राज्य स्तर पर राज्य भूमि विकास बैंक होता है, जो राज्य के किसानों को उनके कृषि विकास के साथ ग्रामीण विकास की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए प्राथमिक बैंकों के माध्यम से विभिन्न प्रकार के ऋण एवं क्रेडिट निर्धारित ऋण नीति के अन्तर्गत मुहैया कराता है. इस भूमि विकास की स्थापना 26 मार्च 1957 को हुई थी. जिला स्तर पर प्राथमिक भूमि विकास बैंक कार्यरत है. सिंचाई हेतु योजनाएं केविटि पाइप बोरवैल योजना 👉🏻 किसानों को नवकूप डगवैल, डगकम बोर वैल, केविटी पाइपबोर वैल या नलकूप कूपगहरा एवं कुओं पर डीजल या विद्युत पम्प सैट हेतु ऋण उपलब्ध दिया जाता है. नलकूप या बोरवैल मय पम्प सैट योजना 👉🏻 पर्याप्त भू-जल उपलब्धता के आधार पर नलकूप या बोर वैल मय सबमर्सीबल पम्प सैट के लिए ऋण उपलब्ध किया जाता है. कूप गहरा योजना 👉🏻 जल उपलब्धता के आधार पर किसानों के कुओं की खुदाई एवं बोरिंग द्वारा कूप गहरा कराने के लिए 5 वर्ष की अवधि हेतु ऋण उपलब्ध है. डीजल या विद्युत पम्प सैट योजना 👉🏻 जल उपलब्धता के आधार पर किसानों को सिंचाई कार्य के लिए नलकूपों से जल दोहन हेतु डीजल या विद्युत पम्प सैट के लिए ऋण उपलब्ध है. बून्द-बून्द सिंचाई योजना 👉🏻 उद्यान विभाग द्वारा ड्रिप सैट पर अनुदान दिये जाने का भी प्रावधान आसान शर्तों पर ऋण 10 से 15 वर्ष के लिए दिया जाता है. फव्वारा सिंचाई योजना 👉🏻 पानी की बचत और असमतल भूमि पर भी सिंचाई हेतु फव्वारासेट के लिए ऋण दिया जाता है. डिग्गी सिंचाई योजना 👉🏻 नहरी क्षेत्रों में अपर्याप्त एवं असामायिक विद्युत आपूर्ति का प्रामाणिक निराकरण, डिग्गी निर्माण से सिंचाई की सुनिश्चितता, आसान शर्तों पर ऋण 9 वर्ष के लिए उपलब्ध है. पाईप लाईन योजना 👉🏻 भू-जल को रोकने तथा इसका अधिकतम उपयोग करने के लिए पक्की नाली एच.डी.पी.ई. तथा पी.वी.सी. पाइप लाईन योजना के आधार पर ऋण 9 वर्ष की अवधि के लिए दिया जाता है. विद्युतीकरण योजना 👉🏻 डार्क जोन घोषित होने से पहले निर्मित नवकूप या डगकम बोर वेल या कैविटी पाईप बोरवेल या नलकूप पर विद्युत कनेक्शन लेने के लिए किसानों को ऋण की सुविधा 50000 रू. से 1 लाख तक 9 वर्ष की अवधि के लिए दी जाती है. मुख्यमन्त्री जनजाति अनुसूचित या सहरिया क्षेत्र जलधारा योजना 👉🏻 इस योजनान्तर्गत सुरक्षित एवं अर्द्धसंवेदनशील क्षेत्रों के साथ-साथ डार्क जोन में आने वाले जनजाति क्षेत्र के सभी श्रेणी के काश्तकारों को लघु सिंचाई उद्धेश्यों हेतु राज्य के बांसवाड़ा, उदयपुर, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़, सिरोही एवं बांरा की 25 पंचायत समितियों के काश्तकारों को जल धारा योजनान्तर्गत ऋण सुविधा 9 से 15 वर्ष की अवधि हेतु उपलब्ध कराया जाता है. 👉🏻 डेयरी और पशुपालन संबन्धित योजनाएं वेन्चर कैपिटल फंड योजना या पोल्ट्री पर योजना राज्य में डेयरी या पोल्ट्री की चयनित गतिविधियों हेतु नाबार्ड द्वारा विशेष योजना प्रारम्भ की गई है.जिसमें निवेश की 50 प्रतिशत राशि पर ब्याज दर शून्य रहेगी नियमित भुगतान होने पर शेष राशि पर देय ब्याज की 50 प्रतिशत राशि किसान को लौटा दी जायेगी. ऋण की अवधि 3 से 8 वर्ष होगी. मछलीपालन और सूअर पालन के लिए योजना 👉🏻 मछली पालन उद्येश्य हेतु ऋण सुविधा 7 वर्ष की अवधि के लिये तथा सूअर पालन उद्देश्य हेतु ऋण सुविधा 5 वर्ष की अवधि के लिये उपलब्ध है. भेड़ बकरी पालन 👉🏻 भेड़, बकरी पालन और पशुओं की उत्पादकता सुधारनेके उद्देश्य से ऋण सुविधा प्रदान की जाती है. इसके साथ ही डेयरी उद्येश्य हेतु ऋण सुविधा 5 से 6 वर्ष की अवधि के लिये उपलब्ध है. कृषि संबन्धित अन्य योजनायें कृषि प्रयोजनों हेतु कृषि भूमि खरीदने हेतु ऋण सुविधा 👉🏻 किसानों के कार्य कलापों के विस्तार एवं छोटी और सीमान्त जोतों को आर्थिक रूप से लाभकारी बनाने हेतु कृषि भूमि क्रय करने के लिए लधु और सीमान्त किसान के लिए यह लैंड परचेज स्कीम के तहत जमीन खरीदने के लिए SBI देता है लोन, जानिए कौन कर सकता है आवेदन जिनके पास इस योजना में खरीदे जाने वाली कृषि भूमि को मिलाकर कुल कृषि भूमि अधिकतम 5 एकड़ असीचिंत भूमि या ढाई एकड़ सीचिंत भूमि है, किसान को क्रय की जा रही भूमि की लागत का 20 प्रतिशत मूल्य स्वंयवहन करना होगा. वर्मीकम्पोस्ट योजना: 👉🏻 कृषि अवशेष या वानस्पतिक कचरे, गोबर आदि से खाद बनाने के लिए वर्मीकम्पोस्ट संरचना निमार्ण हेतु 5 वर्षो के लिए ऋण उपलब्ध है. मधुमक्खी पालन: 👉🏻 पुष्पीय या उद्यानिकी फसलों की उपलब्धता वाले क्षेत्रों में मधुमक्खी पालन हेतु ऋण उपलब्ध है, जिसमें न्यूनतम 10 मधुमक्खी पालन बक्सों हेतु ऋण या अधिकतम बीस लाख रूपये तक ऋण का प्रावधान किया गया है. हरा चारा उत्पादन: 👉🏻 सिंचाई की सुनिश्चितता होने पर रिजका की खेती के लिए 10,000 रुपए प्रति एकड़ की दर से ऋण दिया जाता है. 👉🏻 कृषि स्नातकों द्वारा कृषि क्लिनिक या कृषि उद्योग केन्द्र की स्थापना: कृषि स्नातकों को अपने स्वंय के कृषि क्लिनिक एवं कृषि उद्योग खोलने के लिये ऋण सुविधा उपलब्ध है, कृषि स्नातकों को कृषि क्लिनिक खोलने के लिए कृषि भूमि या अचल सम्पति पर भी ऋण 5 वर्ष के लिए उपलब्ध है. 👉🏻 खेती तथा खेती सम्बंधित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए कृषि ज्ञान को फॉलो करें। फॉलो करने के लिए अभी ulink://android.agrostar.in/publicProfile?userId=558020 क्लिक करें। स्रोत:- Krishi Jagran, 👉🏻 प्रिय किसान भाइयों अपनाएं एग्रोस्टार का बेहतर कृषि ज्ञान और बने एक सफल किसान। दी गई जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे लाइक 👍🏻 करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
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