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भारत में कृषि विकास के लिए एक और दिशा!
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भारत में कृषि विकास के लिए एक और दिशा!
👉नमस्कार किसान भाइयों बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) सबौर के सभागार में 22वीं प्रसार परिषद खरीफ की दो दिवसीय बैठक बुधवार को प्रारंभ हुई। विश्वविद्यालय के प्रसार निदेशक डा. आरके सोहाने ने पिछले छह माह में हुए कार्यों पर प्रकाश डाला। इस दौरान खरीफ के लिए किसानोपयोगी कार्ययोजना पर भी विचार मंथन हुआ। और चावल पर शोध के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थान ईरी और शिक्षा के क्षेत्र में फिलीपींस से होगा करार किया है। 👉कार्यक्रम की अध्यक्षता बिहार कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डा. अरुण कुमार ने किया। उन्होंने सभी डीन डायरेक्टर और विभाग के अध्यक्षों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कृषि विकास की दिशा में किए जा रहे उपयोगी कार्यों में जहां भी कुछ कठिनाइयां हो उसे तत्काल दूर करें। किसानों की समस्या को सूचीबद्ध कर उसके निदान की दिशा में ठोस कार्य योजना तैयार करें। 👉कुलपति ने खेसारी, सोयाबीन ईख और आलू की खेती के क्षेत्र विस्तार को लेकर शोध प्रारूप तैयार करने की भी बात कही। चावल के शोध में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्थान ईरी और शिक्षा के क्षेत्र में फिलीपींस के साथ करार करने की जरूरत पर बल दिया। 👉क्यों बनें प्रगतिशील किसान:- बैठक में प्रगतिशील किसान पटना से पूनम कुमारी, सहरसा से प्रसनजीत कुमार और मुजफ्फरपुर से आनंद कुमार ठाकुर आए हुए थे। इनमें सहरसा के प्रसनजीत कुमार ने बनगांव सहरसा को डिजिटल विलेज बनाने में भूमिका निभाई है। इन्होंने इस गांव को कैशलेस भी बनाया और अभी ये कृषि कार्य से जुड़े हैं। मुजफ्फरपुर के ठाकुर ने नीलगाय एवं जंगली जानवर को फसल से बचाने हेतु शोध किया है। खेसारी, सोयाबीन ईख और आलू पर होगा शोध, चावल पर शोध के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थान ईरी और शिक्षा के क्षेत्र में फिलीपींस से होगा करार बीएयू में कृषि प्रसार शिक्षा की बैठक में कई मुद्दों पर हुई चर्चा, खरीफ के लिए किसानोपयोगी कार्ययोजना पर हुआ विचार मंथन। स्रोत:-Agrostar 👉किसान भाइयों ये जानकारी आपको कैसी लगी? हमें कमेंट करके ज़रूर बताएं और लाइक एवं शेयर करें धन्यवाद!
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