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सलाहकार लेखएग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
(भाग-II) मधुमक्खी पालन से बढ़ाएं फसल का उत्पादन
मधुमक्खी पोषण की योजना: • मधुमक्खी पालन करने से पहले इनके पोषण की योजना जरूर बनाएं। • इनका पोषण पराग और मकरन्द हैं, जो फूलों से प्राप्त होता है। इसलिए मधुमक्खी पालक पहले यह सुनिश्चित करें कि किस माह में कौन सी वनस्पति से मकरंद और परागकण प्राप्त होगा। • प्राकृतिक रूप से मकरंद प्राप्त न होने की स्थिति में कृत्रिम भोजन चीनी के घोल के रूप में दिया जाता है। • कृत्रिम भोजन से मधुमक्खियां सिर्फ जीवन निर्वाह कर पाती हैं। • मधुमक्खियां सरसों, धनिया, सौंफ, नींबू, लीची, आम, अरहर, करौंदा, बरसीम, कद्दूवर्गीय सब्जियां, यूकेलिप्टस, आंवला, सूरजमुखी, नीम, गुलमोहर, ज्वार, बाजरा, अनार आदि से मकरंद और परागकण प्राप्त करती हैं। • ये वनस्पतियां पास के क्षेत्र में हों तो मधुमक्खी पालक मधुमक्खी बॉक्स वहीं लगाएं जिससे वे आसानी से मकरंद और पराग प्राप्त करेंगी।
ऋण-व्यवस्था: इस उद्योग के लिए सरकार ने राष्ट्रीयकृत बैंकों से लोन सुविधा उपलब्ध कराई है। इसके लिए 2 से 5 लाख रुपए तक का लोन उपलब्ध हो सकता है। स्रोत – श्री. एस. के. त्यागी यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगे, तो फोटो के नीचे दिए पीले अंगूठे के निशान पर क्लिक करें और नीचे दिए विकल्पों के माध्यम से अपने सभी किसान मित्रों के साथ साझा करें।
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