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भरतपुर में सरसों की बंपर पैदावार, कई राज्यों में तेल सप्लाई से किसानों को मुनाफा!
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भरतपुर में सरसों की बंपर पैदावार, कई राज्यों में तेल सप्लाई से किसानों को मुनाफा!
👉🏻राजस्थान के भरतपुर में इस बार पिछले कई वर्षों की तुलना में सरसों की बंपर पैदावार हुई है. भरतपुर संभाग के कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक ने बताया कि अकेले भरतपुर जिले में 2.52 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि पर सरसों का उत्पादन हुआ है. जबकि पिछले वर्ष 2.25 लाख हेक्टेयर भूमि पर सरसों उत्पादन हुआ था. बता दें, भरतपुर जिले में पैदा होने वाले सरसों के तेल की गुणवत्ता बेहद अच्छी मानी जाती है और यही कारण है कि भरतपुर संभाग में पैदा होने वाले सरसों के तेल की मांग देश के कई राज्यों में होती है। 👉🏻इस बार भरतपुर जिले में 2.52 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि पर सरसों की फसल बोई गई थी. कृषि विभाग की मानें तो भरतपुर संभाग में सबसे ज्यादा सरसों उत्पादन अलवर में हुआ. यहां, करीब 2.78 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि पर सरसों उत्पादन हुआ है. वहीं, पूरे भरतपुर संभाग में करीब 8.50 लाख हेक्टेयर भूमि पर सरसों उत्पादन हुआ है. बता दें, भरतपुर संभाग में अलवर, भरतपुर, धौलपुर, सवाई माधोपुर और करौली जिले आते हैं। सरसों की बंपर पैदावार पर क्या बोले कृषि अधिकारी? 👉🏻मंत्री के मुताबिक, इस बार सरसों की बंपर उपज के पीछे का एक कारण यह है कि पिछले साल सरसों के दाम ऊपर रहे थे, इसलिए किसान बढ़िया मुनाफे के लिए सरसों का उत्पादन ज्यादा करते हैं. वहीं, पानी की किल्लत की वजह से भी किसान सरसों की खेती ज्यादा बेहतर समझते हैं. सरसों की खेती के लिए सिर्फ एक बार सिंचाई की जाती है और सरसों के दाम भी मंडी में अच्छे मिलते हैं. जबकि, गेहूं की खेती में चार बार सिंचाई करनी पड़ती है. एक हेक्टेयर कृषि भूमि में करीब 1.8 टन सरसों का उत्पादन होता है। किसानों का क्या है कहना? 👉🏻सरसों के ज्यादा उत्पादन पर लाखन सिंह हिंगोली, बलवीर सिंह, भूपेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह का कहना है कि भरतपुर जिले में हमेशा पानी की किल्लत बरकरार रहती है. यहां गेहूं का उत्पादन करना मुश्किल है. वहीं, सरसों के उत्पादन में कम पानी लगता है. इसलिए किसान सरसों की खेती करते हैं। स्त्रोत:- Agrostar 👉🏻किसान भाइयों ये जानकारी आपको कैसी लगी? हमें कमेंट करके ज़रूर बताएं और लाइक एवं शेयर करें धन्यवाद!
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