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बैंगन की खेती के फ़ायदे!
🍆किसान अभी खरीफ फसलों की खेती में व्यस्त हैं. देश के ज्यादातर हिस्से में धान की रोपाई का काम पूरा हो चुका है और कुछ इलाकों में यह अपने अंतिम दौर में हैं. इसी बीच अगर किसान भाई सब्जी की खेती कर कुछ अतिरिक्त कमाई करना चाहते हैं तो वे बैंगन की खेती कर सकते हैं. बैंगन की सफल खेती कर किसान भाई लागत से काफी अधिक मुनाफा कमा सकते हैं! इन बातों का रखें ध्यान- 👉खाद और उर्वरक का इस्तेमाल मिट्टी की जांच के हिसाब से ही करना चाहिए. अगर आपने मिट्टी की जांच नहीं कराई है तो खेत तैयार करते वक्त 25 से 30 टन गोबर की सड़ी खाद मिट्टी में अच्छी तरह मिला देनी चाहिए. इससे अच्छी पैदावार मिलती है और उत्पाद के रंग और आकार भी सही रहते हैं. रंग और आकार ठीक न हो तो किसानों को बाजार में सही भाव नहीं मिल पाता है! 👉बैंगन के खेत में आप रासायनिक खाद का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. किसान भाई 200 किलो ग्राम यूरिया, 370 किलो ग्राम सुपर फॉस्फेट और 100 किलो ग्राम पोटैशियम सल्फेट का प्रयोग कर सकते हैं. यूरिया की एक तिहाई मात्रा और सुपर फॉस्फेट की पूरी मात्रा खेत में आखिरी बार तैयारी करते समय इस्तेमाल की जानी चाहिए. किसान भाइयों को सलाह दी जाती है कि रोपाई के दो सप्ताह बाद मोनोक्रोटोफास 0.04 मिली लीटर प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें! ज्यादा बीज नहीं हो तो तभी तोड़ लें बैंगन- 👉बैंगन के खेत में खर-पतवार नियंत्रण भी जरूरी है. समय से निराई करने से बढ़वार अच्छी होती है और पैदावार पर भी इसका प्रभाव पड़ता है! जुलाई के महीने में बैंगन की पौध लगाने के बाद सितंबर के शुरुआत में फल प्राप्त होने लगता है! 👉किसानों को सालह दी जाती है कि बैंगन के फल जब मुलायम हों और उनमें ज्यादा बीज न बनें हों तब ही उन्हें तोड़ लेना चाहिए. ज्यादा बड़ा हो जाने पर इनमें बीज पड़ जाते हैं और तब ये उतने स्वादिष्ट नहीं रह जाते! स्त्रोत:- TV9 👉 प्रिय किसान भाइयों अपनाएं एग्रोस्टार का बेहतर कृषि ज्ञान और बने एक सफल किसान। दी गई जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे लाइक 👍 करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
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