कृषि वार्ताTV9 Hindi
बीज ग्राम योजना से जुड़कर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं किसान!
👉फसल का उत्पादन बढ़ाने के लिए बीज का महत्वपूर्ण योगदान होता है। पर इसके लिए गुणवत्तापूर्ण बीज का होना जरूरी है। इससे उत्पादन बढ़िया होगा और किसानों की कमाई भी अच्छी होगी। इसे देखते हुए ही वर्ष 2014 -15 में देश में बीज ग्राम योजना की शुरुआत की गयी। ताकि किसानों को कृषि उत्पादन के लिए प्रमाणिक बीज उपल्बध कराया जा सके। कृषि विज्ञान केंद्र को यह जिम्मा सौंपा गया। क्या है बीज ग्राम योजना:- 👉बीज ग्राम योजना के तहत गांव दो से तीन गांवों के किसानों को मिलाकर एक समूह तैयार किया जाता है। इस समूह में 50 से 100 किसान होते हैं। दो से तीन समूह बनाये जाते हैं। इस योजना के तहत किसानों को बीज बुवाई से कटाई तक आरएसएससी द्वारा प्रशिक्षण दिया जाता है। कैसे काम करता है बीज ग्राम:- 👉बीज ग्राम योजना में जिले के कृषि विज्ञान केंद्रों में विकसित की गयी धान या अन्य फसल के बीज को पहले विज्ञान केंद्र में ही लगाया जाता है। जिसे ब्रीडर बीज कहा जाता है। फिर दूसरे साल ब्रीडर बीज से जो फसल तैयार होती है उसके बीज को फाउंडेशन बीज कहा जाता है। फाउंडेशन बीज किसानों को दिया जाता है। जिसे किसान अपने खेत में लगाते हैं। इसके एक साल बाद किसानों के खेत से जो बीज तैयार होता है उसे सर्टिफाइड (प्रमाणिक) बीज कहा जाता है। किसानों को कैसे होगा फायदा:- 👉किसान जब बीज बीज तैयार कर लेते हैं तब उस वापस कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा खरीद लिया जाता है। इसके अलावा राज्य बीज निगम भी सीधे किसानों से बीज खरीद लेती है। इसके बदले में किसानों को अच्छी रकम मिलती है। बीज ग्राम के तहत बीज उत्पादन करने वाले किसान गंदूरा उरांव ने बताया कि यह एक तरह से कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग की तरह होती है। इसमें पहले से ही तय होता है कि कृषि विज्ञान केंद्र किसान से कितनी बीज की खरीदारी करेगी। रांची में बीज ग्राम से कृषि विज्ञान केंद्र से किसान 42 रुपये किलो की दर से फाउंडेशन सीड खरीदते हैं। जिसे लगाकर किसान बीज पैदा करते हैं इसे किसान फिर 22 रुपये प्रति किलो की दर से बेचते हैं। इससे उन्हें काफी मुनाफा होता है। बीज उत्पादन का तरीका:- 👉गंदूरा उरांव ने बताया कि फाउंडेशन सीड से सर्चिफाइड सीड बनाने के लिए की जाने वाली खेती का तरीका बिल्कुल सामान्य होता है। जिस तरीके से किसान धान की खेती करते हैं वैस ही इसकी भी खेती कर सकते हैं। पर किसानों को कुछ बातों का ख्याल रखना चाहिए। उन्हें ध्यान रखना चाहिए कि इस धान में और कोई धान मिक्स नहीं हो। दूसरा इस बात का ध्यान रखना है कि इसमें कीड़े नहीं लगे और खेत में धान गिरे नहीं। अच्छें से धान को सुखाएं उसमें नमी नहीं होनी चाहिए। किसानों से धान लेने के बाद केवीके इसे प्रोसेसिंग करता है और बाजार में बेचता है। कैसे जुड़े किसान:- 👉बीज ग्राम योजना से जुड़ने के लिए किसानों जिला कृषि पदाधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। इसके बाद उन्हें रजिस्ट्रेशन कराना होगा. फिर बीज ग्राम योजना के तहत बीज खरीद कर उससे बीज पैदा करके बेच सकते हैं। इससे किसानों को डेढ़ गुणा फायदा होता है। स्रोत:- TV9 Hindi, 👉 प्रिय किसान भाइयों अपनाएं एग्रोस्टार का बेहतर कृषि ज्ञान और बने एक सफल किसान। दी गई जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे लाइक 👍 करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
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