बंपर उत्पादन होगी मोटी कमाई!
गुरु ज्ञानAgrostar
बंपर उत्पादन होगी मोटी कमाई!
👉चने की खेती से किसान बंपर उत्पादन कर मोटा मुनाफा कमा सकते हैं. जानें चने की खेती का पूरा विवरण:- रबी सीजन की बुवाई शुरू होने में अब महज कुछ ही वक्त शेष है.और भारत में गेहूं का उत्पादन बंपर मात्रा में किया जाता है. जो कि रबी सीजन की एक मुख्य फसल भी है. उत्तर भारत को चने की खेती का हब माना जाता है, चने की खेती बड़े पैमाने में की जाती है. क्योंकि चने की खेती के लिए शुष्क नमी वाला क्षेत्र और ठंडे मौसम वाला क्षेत्र अनूकूल माना जाता है. चने की खेती उस क्षेत्र में शुरू करनी चाहिए, जहां पर 60 से 90 सेमी बारिश होती है. चने के पौधों के विकास के लिए 24 से 30 डिग्री तापमान ब बहुत अच्छा है. 👉चने की खेती के लिए भूमि कैसी होनी चाहिए :- चने की खेती के लिए ऐसे खेत का चयन करना चाहिए जहां पर जल निकासी के लिए पर्याप्त व्यवस्था हो. इसके अलावा बात करें मिट्टी की तो, हल्की से भारी मिट्टी चने की अच्छी पैदावार के लिए अनूकूल है. साथ ही पीएच (PH) 5.5 से 7 पीएच वाली मिट्टी चने के पौधे का अच्छे से विकास करती है. 👉चने की कुछ उन्नत किस्में निम्न है :- सी 235:- चने की यह किस्म बुवाई के 145-150 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है. जी 24:-यह बुवाई के 140-145 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है. जी 130:- यह एक मध्यम अवधि की किस्म है, पंत जी 114:- चने की यह खास किस्म 150 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है. सी 104:-काबुली चने की किस्में, पंजाब और उत्तर प्रदेश के लिए उपयुक्त मानी जाती है. पूसा 209:- 140-165 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है. 👉चने की फसल के बुआई का उपयुक्त समय :- चने की बंपर उत्पादन के लिए बुवाई का उपयुक्त समय 20 अक्टूबर से 15 नवंबर के बीच माना जाता है. 👉चने के खेत में सिंचाई:- चने के खेतों में बुवाई से पहले सिंचाई कर लें. यह उचित अंकुरण और सुचारू फसल विकास सुनिश्चित करता है. इसके बाद दूसरी सिंचाई फूल आने से पहले और एक फली बनने के समय करनी चाहिए. यदि बारिश समय से पहले हो जाती है तो सिंचाई में थोड़ी देरी करें, क्योंकि अधिक पानी में फसल की उपज कम हो जाती है. इसके साथ ही समय-समय पर खेतों में जल निकासी करें। 👉चने का बीजदर प्रति एकड़ :- चने की अच्छी पैदावार के लिए देसी किस्म के लिए 15-18 किलो प्रति एकड़ और काबुली किस्म के लिए 37 किलो प्रति एकड़ की दर से प्रयोग करें. यदि बुवाई नवम्बर के दूसरे पखवाड़े में करनी हो तो देसी चना की बीज दर बढ़ाकर 27 किग्रा/एकड़ तथा दिसम्बर के प्रथम पखवाड़े में 36 किग्रा/एकड़ कर देना है. 👉स्त्रोत:-Agrostar किसान भाइयों ये जानकारी आपको कैसी लगी? हमें कमेंट करके ज़रूर बताएं और लाइक एवं शेयर करें धन्यवाद!
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