कृषि वार्ताTV9
फार्मर्स फर्स्ट स्कीम से मिला लाभ, सालाना 50 लाख रुपये से अधिक कमा रहे हैं ये किसान!
👉फार्मस फर्स्ट प्रोजेक्ट भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का फ्लैगशिप प्रोग्राम है. यह देश भर में चलाया जाता है. इसके जरिये आईसीएआर केंद्र में हो रहे नये प्रयोग और उन्नत तकनीक को लेकर किसानों के पास जाता है और उन्हें इस तकनीक के माध्यम से खेती करने की सलाह देता है. इस प्रोजक्ट के जरिये आईसीएआर अपनी नवीनतम तकनीक और प्रयोगों को किसानों के बीच उनके खेत में प्रदर्शित करता है।
फार्मस फर्स्ट परियोजना का उद्देश्य:-
👉भारतीय कृषि अनुसंधान केंद्र पलांडू के प्रधान वैज्ञानिक और प्रोजेक्ट प्रभारी डॉ विकास दास बताते हैं कि परियोजना का मुख्य उद्देश्य उन लघु और सीमांत किसानों की मदद करना है जो आर्थिक तौर पर पिछड़े हुए हैं. ऐसे किसानों को आधुनिक तकनीक की मदद से खेती करने के लिए मदद करके, उनको बेहतर खेती के लिए प्रोत्साहित करना है , ताकी उनके लिए आजीविका का अवसर प्राप्त हो सके।
इन चीजों पर हो रहा काम:-
👉खिजरी प्रखंड के गांवों में जिस नवीनतम तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है उसमे वर्षाकालीन टमाटर और बैगन की खेती करना शामिल है. इसके अलावा यह बताया जा रहा है कि धान की खेती के बाद जो जमीन खाली रह जाती है उसका इस्तेमाल किसान कैसे कर सकते हैं, उस जमीन पर क्या उगा सकते हैं. इसके अलावा जो लघु और सीमांत किसान हैं उनके लिए मशरूम उत्पादन करके दिखाया जा रहा है. इसके अलावा किसानों को घर के पास छोटी जमीन पर खेती करायी जा रही है ताकि किसानों को पोषण सुरक्षा मिल सके. इसके अलावा पशुपालन पर भी ध्यान दिया जा रहा है. डॉ विकास दास बताते है कि पशुओं से उत्पादन बढ़ाने के लिए नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के मानकों का पालन किया जाता है. साथ ही पशुओ को चराने के कारण उनमें एक कीड़ा लग जाता है, उसके प्रबंधन के बारे में ग्रामीणों को बताया जा रहा है. साथ ही बकरी पालन के लिए उनके ब्रीड में सुधार किया जा रहा है।
पिछले साल का कार्य:-
👉डॉ विकास दास बताते हैं कि चारों गावों के लगभग 600 किसान उनसे जुड़े हैं. इसके अलावा 500 से अधिक जानवरों का नस्ल सुधारा गया है. इसके अलावा 50 एकड़ क्षेत्रफल में फसल लगाया गया था।
👉इस प्रोजेक्ट के तहत किसानों को लाभ हुआ है. पिछले साल की रिपोर्ट के अनुसार प्रोजेक्ट से किसानों को लाभ हुआ है. इस साल तक किसानों को 50 लाख रुपए की आमदनी हुई. किसानों ने अपने सब्जियों को बेचने के लिए बाजार भी बना दिया है।
कैसे होता है किसानों का चयन:-
👉इस योजना के लिए सिर्फ उन्ही गांवों के किसानों को प्राथमिकता दी जाती है. किसानों के चयन के लिए गांव में एक समिति बनायी जाती है. उसी समिति की सिफारिश के आधार किसानों को लाभ दिया जाएगा. गांव में बनायी किसानों की समिति ही लाभुक किसान का चयन करती है।
स्रोत:- TV 9 Hindi,
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