फसल नुकसान मुआवजा का उठाएं लाभ !
कृषि वार्ताAgrostar
फसल नुकसान मुआवजा का उठाएं लाभ !
👉देश के कई हिस्सों में भारी बारिश से फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है. जाहिर है कि इनमें से लाखों प्रभावित किसानों ने फसल बीमा भी करवा रखा होगा. लेकिन, ध्यान रहे कि फसल नुकसान मुआवजा का लाभ उन्हीं किसानों को मिल पाएगा जो फसल नुकसान के 72 घंटे के अंदर अपनी बीमा कंपनी को इस बात की सूचना देंगे. इसलिए फटाफट अपनी कंपनी को फोन करके बता दें कि कहां पर और कितना फसल नुकसान हुआ है. उधर, राजस्थान सरकार ने बीमा कंपनियों के टोल फ्री नंबर जारी कर दिए हैं ताकि किसान को आसानी हो। 👉राजस्थान सरकार ने कहा है कि राज्य में हो रही बरसात से खड़ी फसल के साथ कटाई के बाद खेत में सुखाने के लिए रखी फसल खराब होने पर भी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत नुकसान की भरपाई हो सकेगी. इसके लिए प्रभावित काश्तकार को 72 घंटे के भीतर खराबे की सूचना संबंधित जिले में कार्यरत बीमा कंपनी को देनी होगी. कृषि विभाग ने बीमा कंपनियों को तत्काल सर्वे काम शुरू करने के निर्देश दिए हैं। बीमा कवरेज देने का नियम - 👉कृषि मंत्री ने बताया कि राज्य में वर्तमान में कुछ स्थानों पर असामयिक वर्षा एवं जल भराव के कारण किसानों की खरीफ की फसलों में नुकसान होने की आशंका है. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अन्तर्गत जलभराव के कारण किसान की बीमित खड़ी फसल में तथा फसल कटाई उपरान्त खेत में बंडल के रूप में सुखाने के लिए रखी फसल को 14 दिन तक की अवधि में नुकसान होने पर व्यक्तिगत आधार पर बीमा कवरेज उपलब्ध कराने का प्रावधान है। नुकसान की सूचना देने का माध्यम - 👉मंत्री ने बताया कि असामयिक वर्षा एवं जल भराव से प्रभावित काश्तकारों के लिए बीमित फसल के नुकसान की सूचना घटना घटने के 72 घंटे के भीतर जिले में कार्यरत बीमा कंपनी को देना जरूरी है, ताकि नुकसान का आकलन कर बीमा क्लेम देने की कार्यवाही की जा सके. उन्होंने बताया कि फसल में हुए नुकसान की सूचना बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर या क्रॉप इंश्योरेंस ऐप के माध्यम से भी दी जा सकती है. इसके अलावा प्रभावित किसान जिलों में कार्यरत बीमा कंपनी, कृषि कार्यालय अथवा संबंधित बैंक को भी हानि प्रपत्र भरकर सूचना दे सकते हैं। सर्वे करवाने के आदेश - 👉कृषि आयुक्त ने विभागीय अधिकारियों और बीमा कंपनियों को तत्काल फील्ड में पहुंचकर फसल खराबे पर संयुक्त सर्वे कार्यवाही प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रभावित काश्तकारों को बीमित फसलों के नुकसान का क्लेम दिलवाकर राहत प्रदान की जा सके। 👉स्त्रोत:-Agrostar किसान भाइयों ये जानकारी आपको कैसी लगी? हमें कमेंट करके ज़रूर बताएं और लाइक एवं शेयर करें धन्यवाद!
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