प्राकृतिक खेती से बढ़ेगी किसानों की आय!
कृषि वार्ताAgrostar
प्राकृतिक खेती से बढ़ेगी किसानों की आय!
👉प्राकृतिक खेती से गायों की उपयोगिता बढ़ेगी। गोबर-गौमूत्र से फर्टिलाइजर बनाएंगे तो पैसा बचेगा व इससे जो उत्पादन होगा, वह स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा होगा। आज आवश्यकता इस बात की है कि खेती की लागत कम हो और किसानों की आमदनी बढ़ती रहे। उत्पादों की गुणवत्ता भी उच्च किस्म की होनी चाहिए। खेती में पानी का कम उपयोग होना चाहिए, सूक्ष्म सिंचाई की ओर ज्यादा जाना चाहिए। 👉कृषि मंत्री ने कहा कि तिलहन की कमी को पूरा व आयात निर्भरता कम करने के लिए सरकार ने ऑयल पाम मिशन बनाया, जिस पर 11 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. किसान तकनीक का प्रयोग करेंगे तो इसका फायदा नई पीढ़ी को भी मिलेगा और गांवों में रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। हमारा देश और चंबल क्षेत्र भी कृषि प्रधान है. हम कृषि को जितना ताकतवर बनाएंगे, उतना ही ताकतवर देश व चंबल क्षेत्र भी बनेगा। कृषि की अर्थव्यवस्था में इतनी ताकत है कि देश पर कभी भी कोई संकट आएं तो कृषि क्षेत्र उससे देश को उबार सकता है। 👉कृषि मंत्री ने कहा कि यह कृषि मेला चंबल-ग्वालियर अंचल के लिए उन्नत कृषि की दृष्टि से मील का पत्थर साबित होगा। आगे केंद्रीय मंत्री तोमर ने इस कृषि मेले में हजारों किसानों को प्रशिक्षण देकर उनका मार्गदर्शन करने के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) सहित देशभर के कृषि संस्थानों से जुड़े वैज्ञानिकों का धन्यवाद दिया एवं आयोजन में सहयोग के लिए मध्य प्रदेश शासन व जिला प्रशासन के साथ ही केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अधिकारियों तथा स्टाल लगाने के लिए विभिन्न कृषि संस्थानों तथा कंपनियों का भी आभार माना। 👉कृषि मंत्री जी ने कहा कि पहले कृषि संबंधित योजनाएं उत्पादन केंद्रित थीं, लेकिन आज किसानों की आय बढ़ाने से संबंधित नीतियां अपनाई जा रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जबसे कहा कि किसानों की आमदनी दोगुना से अधिक होनी चाहिए, तबसे केंद्र व राज्य सरकारों और किसानों ने, सभी ने मिलकर इस दिशा में प्रयास किए है. श्रीनगर (कश्मीर) में केसर की खेती होती है, वहां के किसान पहले एक लाख रुपये किलो केसर बेचते थे, वहां केंद्र सरकार ने केसर पार्क विकसित किया व सुविधाएं बढ़ाई तो अब केसर दो लाख रुपये किलो के भाव बिकती है। 👉मेले के अंतिम दिन प्राकृतिक खेती, फसल विविधीकरण एवं मृदा परीक्षण, डेयरी उद्यमिता, जैव उर्वरक, मशरुम उत्पादन, मछली उत्पादन, बकरी पालन, पशु पोषक तत्व, जल सरंक्षण, मिलेट उत्पादन एवं प्रसंस्करण, पुष्प उत्पादन जैसे विषयों पर किसानों को जानकारी दी गई. इस अवसर पर केवीके के नवनिर्मित बीज भवनों का लोकार्पण भी किया गया। 👉स्त्रोत:-Agrostar किसान भाइयों ये जानकारी आपको कैसी लगी? हमें कमेंट करके ज़रूर बताएं और लाइक एवं शेयर करें धन्यवाद!
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