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किसान कृषी योजनाप्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना क्या है?
योजना विवरण और पात्रता प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना क्या है? प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना यह प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में NDA सरकार द्वारा शुरू की गई फसल बीमा योजना है। भारी बारिश, अन्य प्राकृतिक आपदाओं, कीट या रोगों से फसल नष्ट होने की घटनाओं में किसानों की वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए यह योजना शुरू की गई है। प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना को 17,600 करोड़ रुपये के बजट के तहत लागू की जाएगी।
इस योजना का उद्देश्य कठिन समय में किसानों को बीमा कवर और वित्तीय सहायता प्रदान करना है। नई योजना में, पिछले फ़सल बीमा योजनाओं की खामियों को बहुत अच्छी तरह से ध्यान में रखा गया है इस योजना के साथ, किसानों के कल्याण के केंद्र सरकार ने कई अन्य उपक्रम प्रारंभ किये हैं। सरकारी सब्सिडी पर कोई उपरी सीमा नहीं हैं। यदि बचा हुआ प्रीमियम 90% होता है तो ये सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। इससे पहले की योजनाओं में प्रीमियम दर को ढकने का प्रावधान था जिसके परिणामस्वरुप किसानों के लिये भुगतान के कम दावे पेश किये जाते थे। ये कैपिंग सरकारी सब्सिडी प्रीमियम के खर्च को सीमित करने के लिये थी। यह कैपिंग अब हटा दिया गया है और किसान को बिना किसी कमी के दावा की गयी राशी के खिलाफ पूरा दावा मिल जायेगा। प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना का उद्देश्य: 1) प्राकृतिक आपदाओं, कीट और रोगों के परिणामस्वरूप किसी भी अधिसूचित फसल की विफलता की स्थिति में किसानों को बीमा कवरेज और वित्तीय सहायता प्रदान करना। 2) किसान खेती करना चालू रखें, यह सुनिश्चित करने के लिए उनके आय को स्थिर करना। 3) किसानों को नाविन्यपूर्ण और आधुनिक कृषि प्रथाओं को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना। 4) ऋण उपलब्दता कृषि क्षेत्र की ओर आयेगा यह सुनिश्चित करने के लिए। प्रधान मंत्री की फसल बीमा योजना का कार्यान्वयन बीमा कंपनियों द्वारा चयनित बहु-एजेंसी फ्रेमवर्क के माध्यम से कृषि, सहकारी और कृषि कल्याण विभाग (DAC&FW), कृषि और किसान कृषि, सहयोग और किसान कल्याण मंत्रालय और भारत सरकार (GOI) के समग्र मार्गदर्शन और नियंत्रण के तहत किया जाएगा। प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना का प्रीमियम: प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्रीमियम पिछले सरकार या निजी फसल बीमा योजनाओं से काफी कम है। खरीफ फसलों का प्रीमियम राशि बीमा राशि का 2% और रबी फसलों के लिए 1.5% है। खरीफ और रबी में भारत में खेती की जाने वाली अधिकतम खाद्य फसलों और तेल फ़सलों शामिल होे हैं। वाणिज्यिक या बागवानी फसले (कपास सहित) का प्रीमियम एक वर्ष के लिए 5 प्रतिशत पर तय की गई है। कवर किए जाने वाले जोखिम: उपज नुकसान (खड़ी फसलें, अधिसूचित क्षेत्र के आधार पर): न टाले जाने वाले जोखिमों के कारण उपज के नुकसान को कवर करने के लिए व्यापक जोखिम बीमा प्रदान किया जाता है, जैसे 1) प्राकृतिक आग और बिजली 2) तूफान, ओलावृष्टि, चक्रवात, आंधी, तूफ़ान, बवंडर आदि। 3) बाढ़, सैलाब और भूस्खलन 4) सूखा, शुष्क दौर 5) कीट/ रोग आदि प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना से बहिष्करण: निम्नलिखित कारणों से किसी भी कारण फ़सल के नुकसान में बीमा कवर लागू नहीं होगा। 1) युद्ध और उनके समान से होने वाले नुकसान 2) परमाणु जोखिम 3) दंगा 4) दुर्भावनापूर्ण क्षति 5) चोरी या दुश्मनी का कार्य 6) घरेलू या जंगली जानवरों के चरने से या नष्ट किया गया नुकसान। प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना को 13 जनवरी 2016 को शुरू किया गया था और यह 2016 खरीफ सीजन से प्रभावी रहा है। इस योजना के बारे में पूरी जानकारी नीचे दिए गए लिंक पर मिल सकती है। http://agricoop.nic.in/imagedefault/whatsnew/sch_eng.pdf
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