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पूसा डी-कंपोजर, जानिए कैसे होगा इस्तेमाल!
👉वायु प्रदूषण (Air Pollution)का बड़ा कारण बन चुकी धान की पराली (Parali) के निस्तारण के लिए केंद्र सरकार ने कोशिश शुरू कर दी है. सिर्फ 50 रुपये के चार कैप्सूल से एक एकड़ की पराली सड़कर खाद बन जाएगी. हम बात कर पूसा डी-कंपोजर (Pusa-decomposer) की. केंद्रीय कृषि मंत्रालय की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस साल देश भर में फसल अवशेष प्रबंधन के लिए इसका व्यापक पैमाने पर इस्तेमाल होगा! 👉वर्ष 2020-21 के दौरान इसकी कैप्सूल किटें 10,000 हेक्टेयर क्षेत्र को शामिल करते हुए 25 राज्यों के किसानों को उपलब्ध करवाई गईं. जबकि 2020 के दौरान 5730 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए डिकंपोजर उपलब्ध करवाया गया था. ऐसे में इस साल इसमें और वृद्धि हो सकती है. सरकार की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा किसान पराली निस्तारण के लिए इस सस्ते विकल्प का इस्तेमाल करके प्रदूषण नियंत्रण में मदद करें. इसे विकसित करने वाले वैज्ञानिकों की टीम में शामिल डॉ. युद्धवीर सिंह ने टीवी-9 डिजिटल से बातचीत में बताया कि इस साल डी-कंपोजर के इस्तेमाल का दायरा पिछले साल से काफी अधिक होगा! इन प्रदेशों में खूब जलती है पराली- 👉पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में पराली जलाने की खूब घटनाएं होती हैं. जिससे दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण फैलता है. जिससे कम से कम 15 दिन तक यहां के लोग खासे परेशान रहते हैं. जबकि इस कैप्सूल से पराली को गलाकर खाद बनाया जा सकता है! 12 कंपनियों को मिला लाइसेंस- 👉कृषि मंत्रालय (Ministry of Agriculture) के मुताबिक पूसा डिकंपोजर के व्यापक मार्केटिंग के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान ने 12 कंपनियों को इस प्रौद्योगिकी का लाइसेंस दिया है. इसके अलावा संस्थान ने अपनी स्वयं की सुविधाओं पर किसानों के उपयोग के लिए इसके करीब 20,000 पैकेटों का उत्पादन किया है! कैसे तैयार करें घोल- 👉पूसा में माइक्रोबायोलॉजी डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल साइंटिस्ट युद्धवीर सिंह के मुताबिक किसानों (Farmers) को सबसे पहले 150 ग्राम पुराना गुड़ लेना है. उसे पानी मे लेकर उबालना है. फिर उसमें से उबलते समय आई सारी गंदगी को बाहर निकाल देना है. उसके बाद गुड़ के घोल को ठंडा करना है. उसे लगभग 5 लीटर पानी मे घोल देना है. उसमें लगभग 50 ग्राम बेसन मिला देना है. 👉इसके बाद 4 कैप्सूल खोलकर उस घोल में अच्छी तरह मिला दें. बर्तन में उस घोल को लगभग 5 दिन के लिए किसी हल्के गर्म स्थान पर रख दें. उस पानी के ऊपर एक परत जम जाएगी. हमे उसे पानी मे अच्छी तरह मिला देना है. पानी में मिलने के बाद आपका कंपोस्ट घोल इस्तेमाल के लिए तैयार है. जिसकी मात्रा लगभग 5 लीटर है. इसे 25 लीटर तक बढ़ा सकते हैं जो एक हेक्टेयर के लिए पर्याप्त होगा! इस तरह करें इस्तेमाल- 👉अगर आपके खेत में पराली का कचरा फैला है तब आपको यह घोल पानी के साथ खेत में डाल दें. फिर रोटावेटर चला दें. पराली एक महत्वपूर्ण खाद में बदल जाएगी. या फिर खेत की सिंचाई करते वक्त इस घोल को थोड़ा-थोड़ा हौद या नाली में डालते रहें. यह पूरे खेत में मिल जाएगा. किसान भाई सावधानी रखें कि पानी मिलाते समय हाथ में दस्ताने व मुंह पर मास्क अवश्य लगाएं! स्त्रोत:- TV9 👉 प्रिय किसान भाइयों अपनाएं एग्रोस्टार का बेहतर कृषि ज्ञान और बने एक सफल किसान। दी गई जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे लाइक 👍 करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
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